ईरान की सैन्य क्षमता को लेकर एक बार फिर बड़ा दावा सामने आया है। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अली अब्दुल्लाही के एक भूमिगत बैलिस्टिक मिसाइल प्रोडक्शन फैसिलिटी के दौरे का फुटेज प्रसारित किया है। इस वीडियो के जरिए ईरान ने अपनी मिसाइल और ड्रोन उत्पादन क्षमता को लेकर दुनिया को संदेश देने की कोशिश की है।
पिछले एक साल में मिसाइल भंडार बढ़ने का दावा
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अली अब्दुल्लाही ने दावा किया कि पिछले एक साल में ईरान के मिसाइल भंडार में काफी बढ़ोतरी हुई है। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने यह भी दावा किया कि 40 दिनों के युद्ध की शुरुआत के बाद से देश ने अटैक ड्रोन का उत्पादन तीन गुना कर दिया है।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ईरान की वास्तविक सैन्य क्षमता और उसके पास मौजूद मिसाइलों तथा ड्रोन की संख्या को लेकर अभी भी स्पष्ट और स्वतंत्र आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।

अमेरिकी-इजराइली हमलों के बाद कितनी क्षमता बची?
अमेरिका और इजराइल के साथ संघर्ष के दौरान ईरान के रक्षा उद्योग, मिसाइल उत्पादन केंद्रों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई थीं। इसके बावजूद ईरान के पास कितने हथियार बचे हैं और उसके सैन्य उत्पादन ढांचे को कितना नुकसान हुआ, इसकी पूरी तस्वीर अभी सामने नहीं आई है।
अप्रैल की शुरुआत में ये जानकारी सामने आई थी कि ईरान के लगभग आधे मिसाइल लॉन्चर सक्रिय थे और उसके पास हजारों अटैक ड्रोन मौजूद थे।
ऐसे में भूमिगत मिसाइल उत्पादन केंद्र का यह नया फुटेज और उत्पादन बढ़ने का दावा क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आपकी राय क्या है?
क्या ईरान का मिसाइल और ड्रोन उत्पादन वास्तव में पहले से कहीं ज्यादा तेज हो गया है, या यह सिर्फ सैन्य ताकत दिखाने की रणनीति है?
क्या आपको लगता है कि ईरान की बढ़ती मिसाइल क्षमता से मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है?
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