मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में जाम घाट पर शुक्रवार देर शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब संजीवनी यूनिवर्सिटी के 51 छात्र बस हादसे से बाल-बाल बच गए। इस घटना में बस के ब्रेक फेल हो गए थे, जिससे बस खाई की ओर लटक गई थी।
जाम घाट पर हुआ हादसा
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में स्थित जाम घाट मार्ग अत्यंत खतरनाक माना जाता है। 21 अगस्त 2026 को इसी मार्ग पर बस के ब्रेक फेल हो गए। इस कारण बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी पत्थरों की दीवार से टकरा गई।
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यह मार्ग कई मोड़ों और खड़ी चढ़ाई वाला है, जिससे गाड़ी चलाना मुश्किल हो जाता है। इस कारण से यहां पहले भी कई छोटे बड़े हादसे हो चुके हैं। हालांकि, बस के खाई में गिरने का खतरा था, लेकिन वह पत्थरों के बीच अटक गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

छात्रों का स्टडी टूर
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर के कोपरगांव स्थित संजीवनी यूनिवर्सिटी के छात्र आईआईटी इंदौर में सेमिनार के लिए आए थे। इसके बाद वे महेश्वर घूमने जा रहे थे। इस दौरान गूगल मैप्स के शॉर्टकट मार्ग से जाने का निर्णय लिया गया।
यह मार्ग भारी वाहनों के लिए उपयुक्त नहीं है, लेकिन चालक ने फिर भी इस रास्ते को चुना। ऐसे निर्णय कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकते हैं, विशेष रूप से जब इलाके की जानकारी न हो। छात्रों का यह टूर उनके लिए एक यादगार अनुभव बन सकता था, परंतु गलत मार्ग के चयन के कारण यह घटना घटित हो गई।
सुरक्षा और बचाव कार्य
हादसे के तुरंत बाद, आसपास के ग्रामीण और राहगीर मदद के लिए पहुंचे। मंडलेश्वर थाना पुलिस और डायल-112 की टीम ने सभी को आपातकालीन निकास से सुरक्षित बाहर निकाला।
थाना प्रभारी पंकज तिवारी ने बताया कि सभी लोग सुरक्षित हैं और किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। यह प्रशासन की तत्परता और तेजी से की गई कार्रवाई का नतीजा था। ऐसे समय में त्वरित प्रतिक्रिया और सही निर्णय लेना अत्यंत आवश्यक होता है।
प्रशासन की तत्परता
छात्रों को मंडलेश्वर स्थित माधवाश्रम गौशाला/धर्मशाला में आश्रय दिया गया। वहां उन्हें भोजन और अन्य सुविधाएं प्रदान की गईं।
इसके बाद शनिवार को सभी को सुरक्षित महाराष्ट्र रवाना किया गया। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस तरह की सक्रियता से ही भविष्य में संभावित संकटों को टाला जा सकता है।
भविष्य के लिए सबक
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि जोखिम भरे मार्गों पर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। चालक को ऐसे मार्गों से बचना चाहिए जो भारी वाहनों के लिए प्रतिबंधित हैं।
इसके अलावा, प्रशासन को भी ऐसे खतरनाक मार्गों पर सुरक्षा के उपाय करने चाहिए। सड़कों की स्थिति की नियमित जांच और चेतावनी संकेतक की स्थापना से दुर्धटनाओं को रोका जा सकता है।
ग्रामीणों की तत्परता
घटना के समय ग्रामीणों की तत्परता ने बड़ा हादसा टाल दिया। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में मदद की।
यह ग्रामीणों की सतर्कता और साहस का ही परिणाम था कि सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल सके। ऐसे समय में समुदाय का समर्थन और जागरूकता महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।



