मुंबई। एसएस राजामौली की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘वाराणसी’ को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा जोनस और पृथ्वीराज सुकुमारन स्टारर इस फिल्म को दुनिया के ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म को करीब 50 भाषाओं में डब करके लगभग 120 देशों में रिलीज करने की योजना है।
50 भाषाओं में होगी डबिंग
‘बाहुबली’ और ‘RRR’ जैसी फिल्मों के जरिए भारतीय सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाने वाले एसएस राजामौली इस बार भाषा की बाधा को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ‘वाराणसी’ को लगभग 50 भाषाओं में डब किया जाएगा, ताकि अलग-अलग देशों के दर्शक फिल्म को अपनी भाषा में देख सकें। फिल्म की डबिंग को लेकर राजामौली की टीम ने खास रणनीति बनाई है। सबसे खास बात यह है कि अलग-अलग भाषाओं के लिए केवल AI या सिंथेटिक आवाजों पर निर्भर रहने के बजाय वास्तविक कलाकारों की आवाजों का इस्तेमाल करने की योजना है।
👉 यह भी पढ़ें:
1500 आवाजों में से होगा चयन
‘वाराणसी’ की अलग-अलग भाषाओं में डबिंग के लिए करीब 1500 वॉइस आर्टिस्ट की आवाजों का सैंपल लेने की तैयारी की जा रही है। इसके बाद किरदारों और उनके भावनात्मक प्रदर्शन के अनुरूप आवाजों का चयन किया जाएगा। इसका मकसद सिर्फ संवादों का अनुवाद करना नहीं, बल्कि अलग-अलग भाषाओं में भी किरदारों की भावनाओं और अभिनय का असर बरकरार रखना है। राजामौली की फिल्मों में किरदारों की भावनात्मक प्रस्तुति महत्वपूर्ण रहती है, इसलिए डबिंग को भी उसी स्तर पर तैयार करने की कोशिश की जा रही है।
120 देशों में रिलीज का प्लान
फिल्म को करीब 120 देशों में रिलीज करने की योजना बताई गई है। इस तरह ‘वाराणसी’ को सिर्फ भारतीय बाजार तक सीमित रखने के बजाय एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिनेमाई प्रोजेक्ट के रूप में पेश करने की तैयारी है। राजामौली की पिछली फिल्म ‘RRR’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली लोकप्रियता के बाद ‘वाराणसी’ से भी ग्लोबल दर्शकों को जोड़ने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।
महेश बाबू और प्रियंका चोपड़ा की जोड़ी पर नजर
‘वाराणसी’ में महेश बाबू मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। उनके किरदार का नाम रुद्र बताया गया है। फिल्म में प्रियंका चोपड़ा जोनस और पृथ्वीराज सुकुमारन भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। महेश बाबू और राजामौली की यह पहली फिल्म है, इसलिए दक्षिण भारतीय सिनेमा के साथ-साथ देशभर के दर्शकों में इसे लेकर खास उत्सुकता है। वहीं प्रियंका चोपड़ा की मौजूदगी फिल्म की अंतरराष्ट्रीय अपील को और बढ़ा सकती है।
ग्लोबल मार्केट में ले जाने की बड़ी कोशिश
‘वाराणसी’ की 50 भाषाओं में डबिंग और 120 देशों में रिलीज की योजना को भारतीय फिल्मों के बढ़ते वैश्विक विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिल्म के निर्माताओं की कोशिश है कि भाषा विदेशी दर्शकों के लिए बाधा न बने और फिल्म का विजुअल स्केल तथा कहानी ज्यादा से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचे। राजामौली पहले ही ‘बाहुबली’ और ‘RRR’ के जरिए यह साबित कर चुके हैं कि भारतीय फिल्मों में वैश्विक दर्शकों को आकर्षित करने की क्षमता है। ऐसे में ‘वाराणसी’ को लेकर अब यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म अंतरराष्ट्रीय बाजार में किस तरह का प्रभाव छोड़ती है।
एआई के बजाय इंसानी आवाजों पर जोर
डबिंग के लिए AI तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के दौर में ‘वाराणसी’ के निर्माताओं का वास्तविक कलाकारों की आवाजों पर जोर देना भी चर्चा का विषय है। रिपोर्ट के मुताबिक, राजामौली चाहते हैं कि अलग-अलग भाषाओं में डबिंग के दौरान कलाकारों के भाव और संवादों की स्वाभाविकता बनी रहे।



