BRICS शिखर सम्मेलन 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 15 द्विपक्षीय बैठकें हुईं, जिनमें वैश्विक कूटनीति और आर्थिक सहयोग के महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। यह सम्मेलन नई दिल्ली में संपन्न हुआ, जहां पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत अन्य प्रमुख नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान 10 बड़े फैसले लिए गए जो BRICS देशों के विकास और सहयोग को मजबूत करेंगे।
PM मोदी की 15 द्विपक्षीय बैठकों का विस्तार
BRICS शिखर सम्मेलन 2026 में प्रधानमंत्री मोदी की कुल 15 द्विपक्षीय बैठकें आयोजित की गईं। इनमें प्रमुख रूप से रूस, चीन, ईरान, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और अन्य सदस्य देशों के नेताओं से चर्चा हुई। इन बैठकों का उद्देश्य आर्थिक, राजनीतिक और सामरिक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाना था।
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इसके अलावा, पीएम मोदी ने इन बैठकों में वैश्विक सुरक्षा, व्यापार और तकनीकी साझेदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि BRICS देशों को मिलकर वैश्विक चुनौतियों का सामना करना होगा।
रूस और चीन के साथ विशेष वार्ता
BRICS सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से विशेष द्विपक्षीय वार्ता की। इन चर्चाओं में दोनों देशों के साथ भारत के सामरिक और आर्थिक हितों को आगे बढ़ाने के मुद्दे प्रमुख रहे।
फिर चाहे वह ऊर्जा सुरक्षा हो या बहुपक्षीय व्यापार समझौतों की बात, पीएम मोदी ने दोनों देशों के साथ सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने पर जोर दिया। यह बैठकें BRICS की सामूहिक ताकत को प्रतिबिंबित करती हैं।
BRICS देशों के 10 महत्वपूर्ण फैसले
BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान कुल 10 बड़े फैसले लिए गए। इनमें आर्थिक एकता को बढ़ावा देना, व्यापार बाधाओं को कम करना, और तकनीकी नवाचार में सहयोग शामिल हैं। इसके साथ ही, शिक्षा, स्वास्थ्य और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में भी साझेदारी पर सहमति बनी।
इन निर्णयों का असर न केवल सदस्य देशों पर होगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी आर्थिक और राजनीतिक स्थिरता बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह BRICS की भूमिका को विश्व मंच पर मजबूत करेगा।
BRICS शिखर सम्मेलन का आम आदमी पर प्रभाव
BRICS सम्मेलन में लिए गए फैसले आम आदमी की जिंदगी में भी बदलाव लाने वाले हैं। आर्थिक सहयोग बढ़ने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। तकनीकी एवं शैक्षिक साझेदारी से युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा।
इसके अलावा, स्वास्थ्य और जलवायु परिवर्तन के लिए किए गए कदम सीधे तौर पर लोगों की गुणवत्ता जीवन को प्रभावित करेंगे। इसलिए यह सम्मेलन केवल नेताओं का मेल नहीं, बल्कि आम जनता के लिए भी आशाजनक है।
BRICS सम्मेलन के बाद भारत की कूटनीतिक स्थिति
BRICS शिखर सम्मेलन 2026 के बाद भारत की कूटनीतिक स्थिति और मजबूत हुई है। प्रधानमंत्री मोदी की सक्रिय भागीदारी ने भारत को वैश्विक मंच पर प्रभावशाली नेता के रूप में स्थापित किया है।
BRICS देशों के साथ गहरे संबंध भारत को नई आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी दिलाएंगे। यह भारत की वैश्विक महत्वाकांक्षाओं में सहायक होगा। इससे अंतरराष्ट्रीय मामलों में भारत की आवाज़ को मजबूती मिलेगी।
आगे BRICS देशों के बीच सहयोग के रास्ते
BRICS सम्मेलन के 10 बड़े फैसलों के बाद अब सदस्य देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे। इन फैसलों को लागू करने के लिए विभिन्न समितियां और कार्यदल बनाए जाएंगे।
फिलहाल, आर्थिक सुधारों, तकनीकी साझेदारी और सांस्कृतिक विनिमय को प्राथमिकता दी जाएगी। भविष्य में BRICS देश संयुक्त रूप से वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों का सामना करेंगे।



