मायावती की प्रेस वार्ता में ब्रिक्स दिल्ली घोषणा पत्र को महत्वपूर्ण बताया गया। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की नई दिल्ली घोषणा 2026 को सदस्य देशों के बीच आपसी सहयोग और कूटनीतिक उपलब्धि करार दिया। उन्होंने इस अवसर पर बसपा की नई रणनीति पर भी प्रकाश डाला।
ब्रिक्स दिल्ली घोषणा को मायावती का कूटनीतिक रूप में महत्व
मायावती ने कहा कि ब्रिक्स दिल्ली घोषणा पत्र 140 पैराग्राफों का विस्तृत दस्तावेज है, जिसे सभी सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से अपनाया है। यह दस्तावेज वैश्विक आर्थिक संकट और राजनीतिक चुनौतियों के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इसे सदस्य देशों के बीच बेहतर समझ और विश्वास का प्रतीक बताया।
इसके अलावा, मायावती ने ब्रिक्स मुद्रा के विकास को एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा, जो आर्थिक सहयोग को और मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि इससे ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार और वित्तीय लेनदेन में सुधार आएगा।
फिलिस्तीन और आतंकवाद पर ब्रिक्स का रुख मायावती ने सराहा
प्रेस वार्ता में मायावती ने बताया कि ब्रिक्स समूह ने फिलिस्तीन के लिए दो-राज्य समाधान और स्वतंत्र राष्ट्र के समर्थन की महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह वैश्विक स्तर पर शांति स्थापना के प्रयासों के लिए अहम है।
साथ ही, उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ ब्रिक्स देशों की प्रतिबद्धता को भी महत्वपूर्ण बताया। खासकर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए, उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भारत को उचित समर्थन मिला है। यह ब्रिक्स के आतंक विरोधी रुख को मजबूत करता है।
भारत-चीन संबंधों पर मायावती की गंभीर टिप्पणी
मायावती ने भारत और चीन के बीच संबंधों के बारे में अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को मतभेदों को विवाद में बदलने से बचना चाहिए और एक-दूसरे को विकास साझेदार की तरह देखना चाहिए।
उन्होंने सीमा विवाद के जल्दी समाधान पर भी जोर दिया। मायावती ने कहा कि सीमा से जुड़े मुद्दों को बातचीत से निपटाना दोनों देशों के लिए लाभकारी होगा, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहेगी।
ब्रिक्स सम्मेलन की पृष्ठभूमि और वैश्विक संदर्भ
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन इस बार नई दिल्ली में आयोजित हुआ, जिसमें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित सभी सदस्य देश शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान वैश्विक आर्थिक मंदी, यूक्रेन-ईरान युद्ध जैसे संघर्षों पर विचार किया गया।
ब्रिक्स के सदस्य देशों ने आतंकवाद, व्यापार सहयोग और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों से निपटने के लिए साझा रणनीतियाँ बनाईं। इस संदर्भ में, मायावती ने ब्रिक्स के सहयोग को वैश्विक स्थिरता के लिए अहम बताया।
बसपा की नई रणनीति और संगठन मजबूत करने के प्रयास
मायावती ने प्रेस वार्ता में बसपा की नई रणनीति पर भी चर्चा की। उन्होंने पार्टी संगठन को मजबूत करने और देशभर में कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर जोर दिया।
साथ ही, उन्होंने पंचायती विभाग के कर्मचारियों की मांगों को उठाया, जो पार्टी के सामाजिक न्याय के एजेंडे से जुड़े हैं। यह कदम बसपा की सामाजिक एवं राजनीतिक भूमिका को और बढ़ाएगा।
आम जनता पर ब्रिक्स दिल्ली घोषणा और बसपा की भूमिका
ब्रिक्स दिल्ली घोषणा से भारत सहित सदस्य देशों के आर्थिक और सुरक्षा हितों को मजबूती मिलेगी। इससे व्यापार में बढ़ोतरी और आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त अभियान आम आदमी के जीवन पर सकारात्मक असर डालेंगे।
मायावती की रणनीति, जो सामाजिक न्याय और संगठनात्मक मजबूती पर केंद्रित है, बसपा को आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करेगी। इससे उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में सामाजिक समरसता और विकास की उम्मीद बढ़ेगी।



