पूर्व IPS राजेश पांडेय का दावा है कि कराची में दाऊद इब्राहिम को मारने की योजना बनाई गई थी। यह खुलासा उनकी पुलिस सेवा और अंडरवर्ल्ड से जुड़े अनुभवों पर आधारित है। उनके इस दावे ने अंडरवर्ल्ड की दुनिया में नई बहस छेड़ दी है।
राजेश पांडेय कौन हैं और उनका पुलिस करियर
राजेश पांडेय उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व IPS अधिकारी हैं। उन्होंने पुलिस सेवा के दौरान अपराध और गैंगस्टर से जुड़े कई मामलों को संभाला। उनकी वजह से अंडरवर्ल्ड की कई घटनाओं की गहराई से जानकारी सामने आई। इसीलिए उनके दावे को गंभीरता से देखा जाता है।
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कराची में दाऊद इब्राहिम को मारने की कथित योजना
राजेश पांडेय के अनुसार, 1990 के दशक में दाऊद इब्राहिम को कराची में खत्म करने की योजना बनाई गई थी। उनके मुताबिक, इस ऑपरेशन के लिए शूटर्स पाकिस्तान तक जा चुके थे। लेकिन सूचना लीक होने के कारण यह योजना विफल हो गई।
सूचना लीक और मिर्जा दिलशाद बेग का नाम
पांडेय ने बताया कि ऑपरेशन की जानकारी नेपाल के पूर्व सांसद मिर्जा दिलशाद बेग ने लीक की। इसके बाद बेग की नेपाल में हत्या कर दी गई। गैंगस्टर बबलू श्रीवास्तव ने भी बेग की हत्या कबूल की थी। यह खुलासा अंडरवर्ल्ड की साजिशों को दर्शाता है।
1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट के बाद दाऊद का पाकिस्तान जाना
राजेश पांडेय ने दावा किया कि 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट के बाद दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान चला गया। उन्होंने बताया कि दाऊद ने खुद इस ब्लास्ट से दूरी बनाई और टाइगर मेमन का नाम लिया। इस घटना के बाद दाऊद और उसके कुछ सहयोगी पाकिस्तान में बसे।
गैंग के सदस्यों के विदेश भागने की जानकारी
पांडेय के मुताबिक, दाऊद के विदेश जाने के बाद गैंग के कई सदस्य अलग-अलग देशों में चले गए। बबलू श्रीवास्तव सिंगापुर गया जबकि छोटा राजन इंडोनेशिया गया। इससे अंडरवर्ल्ड में गुटबाजी बढ़ गई। इस स्थिति ने आम लोगों को भी असुरक्षित किया।
अंडरवर्ल्ड के बीच टकराव और हत्या की घटनाएं
उन्होंने अरुण गवली और दाऊद के बीच बढ़ते टकराव का भी जिक्र किया। गवली के गिरोह ने दाऊद के सगे जीजा इब्राहिम पारिकर की हत्या कर दी थी। यह दिखाता है कि अंडरवर्ल्ड में सत्ता संघर्ष ने हिंसा को जन्म दिया।



