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देश के कई हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 9 से 15 अगस्त के बीच देश के बड़े हिस्से में व्यापक बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई राज्यों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। पहाड़ी राज्यों के साथ मध्य भारत, पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मौसम का असर ज्यादा रहने की संभावना है।
मानसून के बीच देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। दिल्ली-NCR, केरल, ओडिशा और कुछ अन्य क्षेत्रों में मौसम को लेकर विशेष सतर्कता की सलाह दी गई है।
केरल में मानसून के बीच भारी बारिश का दौर चिंता बढ़ा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) लगातार राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश और मौसम संबंधी चेतावनियां जारी कर रहा है। आज की राष्ट्रीय खबरों में केरल का मौसम प्रमुख विषयों में शामिल है।
देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी है। दिल्ली-NCR में भी मौसम को लेकर लोगों की चिंता बढ़ी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने राजधानी में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है और मौसम में बदलाव के बीच लोगों को स्थानीय अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश और बाढ़ ने कई इलाकों में जनजीवन को प्रभावित किया है। केरल और पड़ोसी कर्नाटक में लगातार बारिश के कारण मौतों और विस्थापन की स्थिति सामने आई है। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, केरल में बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 11 लोगों की मौत हुई और करीब 7,700 लोगों को सुरक्षित निकालकर लगभग 275 राहत शिविरों में पहुंचाया गया। कर्नाटक में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत की सूचना है।
देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के अनुसार सोमवार को दिल्ली-NCR, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, केरल, असम, अरुणाचल प्रदेश, राजस्थान और ओडिशा सहित कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के कारण जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा भी जताया गया है।
श में मानसून को लेकर एक तरफ चिंता बढ़ रही है तो दूसरी तरफ मौसम वैज्ञानिकों के नए आकलन से उम्मीद की किरण भी दिखाई दे रही है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन यानी WMO के ताजा मौसमी अपडेट के मुताबिक जुलाई-सितंबर 2026 के दौरान मजबूत El Nino विकसित होने की संभावना है।
देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश होने की भी आशंका है।
देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार को महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, ओडिशा, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। पिछले 24 घंटों में बाढ़ से 10 और लोगों की मौत की खबर सामने आई है। इसके साथ ही राज्य में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 41 हो गई है। राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
देश के कई राज्यों में मानसून की भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। असम में बाढ़ से 21 और लोगों की मौत की खबर है, जबकि राज्य के 16 जिलों में 5.64 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में मंगलवार सुबह से बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
देश के उत्तरी, पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाया है। मूसलाधार बारिश, अचानक आई बाढ़ और भीषण भूस्खलन ने कई राज्यों में भारी तबाही मचाई है। अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 43 लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। लगातार हो रही भारी बारिश, बाढ़, जलभराव और भूस्खलन ने कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र समेत 20 राज्यों के लिए तेज बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
Monsoon 2026 ने देशभर में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। जहां दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश ने भीषण गर्मी और उमस से राहत दिलाई है, वहीं जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और असम में भारी बारिश, बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
इस साल जून में मानसून की रफ्तार बेहद धीमी रही, जिसके चलते देशभर में सामान्य से 42% कम बारिश दर्ज की गई। मौसम के आंकड़ों के अनुसार, साल 1927 के बाद यह 100 वर्षों में तीसरा सबसे सूखा जून साबित होने जा रहा है।
हिमालय को सदियों से स्वच्छ हवा, प्राकृतिक सौंदर्य और शुद्ध पर्यावरण का प्रतीक माना जाता रहा है। लेकिन अब एक नई वैज्ञानिक रिपोर्ट ने इस धारणा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भारत में मानसून को हमेशा राहत और ठंडक का मौसम माना जाता रहा है, लेकिन एक नई रिसर्च ने भविष्य को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। IIT गांधीनगर के नेतृत्व में किए गए एक अध्ययन के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन (Climate Change) की वजह से आने वाले वर्षों में मानसून का मौसम भी गर्मियों की भीषण लू जितना खतरनाक हो सकता है।
दुनिया एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां जलवायु परिवर्तन (Climate Change) अब भविष्य का नहीं, बल्कि वर्तमान का संकट बन चुका है। हालिया वैज्ञानिक अध्ययन में चेतावनी दी गई है कि यदि ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन मौजूदा रफ्तार से जारी रहा, तो पृथ्वी का तापमान जल्द ही 1.5 डिग्री सेल्सियस की महत्वपूर्ण सीमा को पार कर सकता है।
देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की तेज रफ्तार और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत, पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
देशभर में मौसम ने करवट ले ली है। एक तरफ कई राज्यों में भीषण गर्मी और लू का असर जारी है, तो दूसरी तरफ तेज बारिश, आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की चेतावनी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
IMD Weather Alert Today: देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। एक तरफ दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है
देशभर में मानसून को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है और अब इसके केरल पहुंचने में करीब एक सप्ताह की देरी होने की आशंका जताई जा रही है
भीषण गर्मी से जूझ रहे उत्तर भारत के लोगों को अब राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार समेत 15 राज्यों में अगले तीन दिनों तक आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया है
मई के महीने में आमतौर पर पड़ने वाली भीषण गर्मी के बीच इस बार देश के कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड समेत 12 राज्यों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। वहीं राजस्थान और गुजरात के कई इलाकों में 13 मई तक लू चलने की चेतावनी दी गई है।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में सोमवार को अचानक मौसम ने करवट ले ली। कई क्षेत्रों में तेज आंधी-तूफान के साथ कहीं हल्की तो कहीं जोरदार बारिश हुई,
उत्तर भारत में इस समय भीषण गर्मी लोगों को झुलसा रही है, लेकिन अब मौसम करवट लेने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक 27 अप्रैल से 11 राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। कई जगहों पर हवाएं 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।
भारत मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ, ऊपरी हवा में बने चक्रवाती परिसंचरण और पूर्वोत्तर क्षेत्र पर सक्रिय जेट स्ट्रीम के प्रभाव से देशभर में मौसम अस्थिर हो गया है