Mallikarjun Kharge का सरकार पर निशाना, राज्यसभा में बोले-युवाओं से डर गई थी सरकार, गुस्सा ठंडा करने के लिए लाया गया बिल

Date:

AI Audio Companion Ready to stream full article
0:00
0:00 left

नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र चल रहा है। आज गुरुवार को राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पेश किया गया। इस पर चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि युवाओं से सरकार डर गई थी, इसीलिए उनके गुस्से को ठंडा करने के लिए बिल लाया गया।

छात्रों से बात करने पहले क्यों नहीं गए

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राहुल गांधी ने उस दिन जो सत्याग्रह किया, उससे वे एकदम डर गए और बोले कि इसको आगे बढ़ाना ठीक नहीं है। इसके बाद उन्होंने (नरेंद्र मोदी) ने यह तय किया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाया जाए। मोदी जी अपनी कुर्सी के लिए यह सब कुछ किए। जब छात्र पेपर लीक परीक्षा की गड़बड़ियों की बात कर रहे थे, तब सरकार ने उन्हें सुनने के बजाय अराजक कहा और हर सवाल को राजनीति से जुड़ा बताकर खारिज कर दिया था। महीनों से छात्र सड़कों पर बैठे थे और अपनी बात रख रहे थे, उस वक्त आप उनके पास क्यों नहीं गए?

गृह मंत्री शाह का मुंह ही नहीं खुल रहा

खड़गे ने कहा कि अगर आप पहले बात किए होते तो, इतने लोग लाठी नहीं खाते। इतने लोग बरबाद नहीं होते। इतने लोग बारिश में नहीं रहते। आपकी सरकार की वजह यह सब भुगतना पड़ा। इसका कारण भाजपा सरकार और मोदी जी हैं। सबसे बड़ी वजह हमारे गृह मंत्री अमित शाह साहब हैं। अभी वो संसद में क्यों नहीं नजर आ रहे हैं? प्रधानमंत्री भी मुह नहीं खोल रहे हैं। यहां पर दिल्ली में इतनी गड़बड़ हुई, आप होम मिनिस्टर हो, आपका मुह भी नहीं खुल रहा है। क्या किसी ने मुह बंद कर दिया है?

कुर्सी बचाने के लिए झुकना पड़ा

खड़गे ने आगे कहा कि देश भर के छात्रों और नौजवानों ने परीक्षा व्यवस्था की नाकामियों के खिलाफ आवाज उठाई। विपक्ष ने उनकी आवाज सड़क से लेकर संसद तक उठाई। बढ़ते दबाव के आगे सरकार को घुटने टेकने पड़े। मैं युवाओं को मुबारकबाद देता हूं कि उनका संघर्ष रंग लाया और सरकार को झुकना पड़ा। युवाओं की ताकत देखने के बाद हमारी सरकार को भी मालूम हुआ कि इससे ज्यादा खींचतान करने से धागा टूट जाएगा और हमारी कुर्सी चली जाएगी। इसीलिए डर कर उन्होंने युवाओं की डिमांड मानी, लेकिन यह  काम कुर्सी बचाने के लिए किया गया है।

2024 में ही क्यों नहीं किया यह काम

खड़गे ने कहा कि इस मजबूत कानून को ठीक करने के लिए हम बार-बार आपके सामने कहते रहे, लेकिन आप किए नहीं। दो साल के बाद आप जो कर रहे हैं, उसे 2024 में ही क्यों नहीं किया? क्योंकि तब आपको राजनीति करनी थी, लोकसभा चुनाव सामने थे, राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा में लगातार मुद्दा उठा रहे थे। आप उस करते तो क्रेडिट नहीं मिलता, इसीलिए आप उस वक्त ये करना छोड़ दिए थे। इस बिल का हम स्वागत करते हैं लेकिन ये अभी भी अधूरा है। ये पेपर लीक होने के बाद भी, इसकी कार्रवाई को मजबूत करना जरूरी है। पेपर लीक होने से रोकने की मजबूत व्यवस्था इसमें नहीं है। ये सब जो माहौल आज चल रहा है, इसको ठंडा करने के लिए, सड़क पर आए हमारे विद्यार्थी युवाओं को ठंडा करने के लिए लाया गया है। यह समस्या को सुलझाने के लिए नहीं है।

Harish Fatehchandani
Harish Fatehchandanihttp://www.hbtvnews.com
Harish Fatehchandani is a dedicated journalist with over a decade of experience in the media field. He is respected for his consistent and honest reporting.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

राजगढ़ के बिट्टू तबाही की मेहनत, सीएम मोहन यादव ने की सराहना

बिट्टू तबाही ने अकेले अजनार नदी को साफ किया, जिसे सीएम मोहन यादव ने सराहा। इस पहल ने समाज में जागरूकता फैलाने का काम किया है।

शिक्षकों से मिले पीएम मोदी, वक्तृत्व कला पर मांगी सलाह

प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों से वक्तृत्व कला पर सलाह ली, आत्मविश्वास और अभ्यास पर जोर दिया।

क्या श्याम ‘टेलर’ इंदौर के दावेदारों की नहीं ले पा रहे ‘नाप’, अध्यक्ष की नियुक्ति में कहां फंस रहा पेंच?

श्याम टेलर के नेतृत्व में इंदौर भाजयुमो अध्यक्ष पद की नियुक्ति में देरी हो रही है। दावेदारों और कार्यकर्ताओं में निराशा है।

भागीरथपुरा: दूषित जल संकट के बाद नई पाइपलाइन से शुद्ध जल आपूर्ति

भागीरथपुरा में दूषित जल संकट के बाद नई पाइपलाइन से शुद्ध जल आपूर्ति बहाल हो गई है।

इंदौर: फुटपाथ कब्जे पर एफआईआर, विशेष योजना लागू

इंदौर में फुटपाथ कब्जे पर एफआईआर की योजना और विशेष योजना से शहर में बदलाव की उम्मीद।

इंदौर सड़क हादसे: 65% मौतें 18-35 उम्र के युवाओं की

सड़क हादसों में 65% मौतें 18-35 उम्र के युवाओं की। समाज के लिए गंभीर समस्या। जागरूकता और सख्त नियम जरूरी।

केरल सड़क हादसे में 8 छात्र काल के गाल में समाए

केरल के त्रिशूर जिले में सड़क हादसे में 8 छात्रों की मौत हो गई। हादसा पनामपिक्कुन्नू इलाके में हुआ।

बड़े पर्दे पर ओटीटी सीरीज जैसी है – ‘मिर्जापुर : द मूवी’

मिर्जापुर: द मूवी बड़े पर्दे पर ओटीटी सीरीज का अनुभव देती है। हिंसा, सत्ता संघर्ष और परिचित किरदारों के साथ, लेकिन लंबाई में कमी।

पिनाकल डिजायर प्रोजेक्ट के मामले में संजय अग्रवाल समेत चार पर एफआईआर

इंदौर के पिनाकल डिजायर प्रोजेक्ट के जमीन विवाद में संजय अग्रवाल समेत चार पर एफआईआर दर्ज।

उज्जैन के दो खाद्य अधिकारियों के खिलाफ भोपाल में शिकायत, ईओडब्ल्यू जांच का हवाला

उज्जैन के खाद्य अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। ईओडब्ल्यू जांच का हवाला दिया गया है।