Glasgow Commonwealth Games 2026: भारत के लिए यादगार रहा सातवां दिन, पैरा एथलेटिक्स में गोल्ड-सिल्वर पर कब्जा, मुरली श्रीशंकर ने रचा इतिहास
ग्लास्गो में चल रहे Commonwealth Games 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। बुधवार को भारतीय खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, पैरा एथलेटिक्स और बॉक्सिंग में दमदार प्रदर्शन किया। भारत ने एक दिन में तीन पदक अपने नाम किए, जिसमें दिलीप महादू गावित का ऐतिहासिक गोल्ड और मुरली श्रीशंकर का सिल्वर मेडल शामिल रहा। इसके साथ ही भारतीय बॉक्सरों ने सेमीफाइनल में जगह बनाकर कम से कम 10 पदक पक्के कर दिए।
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दिलीप गावित ने रचा इतिहास, 100 मीटर T47 में जीता गोल्ड
पैरा एथलेटिक्स में दिलीप महादू गावित ने पुरुषों की 100 मीटर T47 स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। गावित ने 10.71 सेकंड का समय निकालकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया। खास बात यह रही कि इस स्पर्धा में भारत को गोल्ड के साथ सिल्वर भी मिला। मोहम्मद बासिल ने रजत पदक जीतकर भारतीय पदक तालिका में एक और इजाफा किया।
दिलीप गावित की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुष पैरा एथलेटिक्स ट्रैक इवेंट में भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
मुरली श्रीशंकर का लगातार दूसरा सिल्वर, रचा इतिहास
लॉन्ग जंप में मुरली श्रीशंकर ने 8.09 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल जीता। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका लगातार दूसरा रजत पदक है। इससे पहले उन्होंने 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भी सिल्वर जीता था।
श्रीशंकर की इस उपलब्धि ने उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स के लॉन्ग जंप में लगातार दो पदक जीतने वाला पहला भारतीय एथलीट बना दिया। इस स्पर्धा में जमैका के ताजे गेल ने 8.15 मीटर की छलांग के साथ गोल्ड जीता, जबकि स्कॉटलैंड के स्टीफन मैकेंजी ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
बॉक्सिंग में भारत का बड़ा धमाका, 10 मेडल पक्के
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। कई भारतीय बॉक्सर अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में पहुंच गए। इसके साथ ही भारत के कम से कम 10 बॉक्सिंग मेडल पक्के हो गए हैं।
बॉक्सिंग में सेमीफाइनल में पहुंचने वाले भारतीय खिलाड़ियों में साक्षी, अरुंधति चौधरी, सचिन सिवाच, अंकुश, नरेंद्र और जैस्मिन के अलावा पहले से सेमीफाइनल में जगह बना चुके अन्य भारतीय मुक्केबाज भी शामिल हैं।
बॉक्सिंग में तीसरे स्थान के लिए अलग मुकाबला नहीं होता। इसलिए सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को ब्रॉन्ज मेडल मिलता है। यही वजह है कि भारतीय टीम ने बड़ी संख्या में पदक पहले ही सुनिश्चित कर लिए हैं।
भारत की पदक उम्मीदें और मजबूत
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय दल की नजर अब आने वाले मुकाबलों में और गोल्ड मेडल जीतने पर है। दिलीप गावित का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन, श्रीशंकर की निरंतरता और बॉक्सिंग में शानदार प्रदर्शन ने भारत की पदक उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है।



