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नई दिल्ली। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लोगों को विरोध करने के लिए कहकर और यह बयान देकर कि वह संसद द्वारा पारित कानून का पालन नहीं करेंगी, स्पष्ट रूप से हिंसा भड़का रही हैं। रिजिजू ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री का इस तरह का रुख संवैधानिक ढांचे और कानून के शासन को कमजोर करता है।
केरल के कोच्चि में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिजिजू ने सवाल किया कि कैसे एक संवैधानिक पद पर बैठीं मुख्यमंत्री खुले तौर पर यह घोषणा कर सकती हैं कि वह संसद से पारित कानून को लागू नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि वह कैसे कह सकती हैं कि वह इसे लागू नहीं करेंगी? वह एक संवैधानिक पद पर बैठी हैं और कानून एक संवैधानिक संस्था द्वारा पारित किया गया है, तो वह कैसे कह सकती हैं कि वह किसी ऐसी चीज का पालन नहीं करेंगी जो संवैधानिक है?’
उल्लेखनीय है कि वक्फ कानून विरोधी हिंसा ने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के भांगर और मुर्शिदाबाद जिलों जैसे क्षेत्रों को प्रभावित किया है। यहां हिंसक झड़पों में कई लोग मारे गए हैं, बड़ी संख्या में लोग जख्मी हुए हैं और संपत्तियों को भी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा था कि संसद द्वारा पारित वक्फ संशोधन अधिनियम को पश्चिम बंगाल में लागू नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से शांति और संयम बरतने की अपील की है, उनसे सांप्रदायिक हिंसा या धर्म के नाम पर अधार्मिक व्यवहार में शामिल नहीं होने का आग्रह किया है। बनर्जी ने कहा था कि राज्य सरकार ने यह कानून नहीं बनाया है और इससे जुड़ी शिकायतों को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को बताना चाहिए।



