जींद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शुक्रवार हरियाणा के जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसी के साथ प्रधानमंत्री ने प्रदेश के लिए 15 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इस दौरान पीएम मोदी ने घेवर और स्कूटर की पहली सवारी को याद किया।
हरियाणवी में अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मेरे लिए तो जींद आना पुरानी यादों का झरोखा खोलने जैसा है। मैंने बैठे बैठे कई पुराने व परिचित चेहरे देखे। वे क्लेप करते होंगे कि मैं उनके स्कूटर पर जींद आया करता था। पीएम मोदी ने कहा कि मैं कई साल पहले संगठन के काम से जींद आया था। फिर मुझे जो अपनत्व व प्रेम मिला, वह आज तक मैं भूला नहीं हूं। मुर्राह भैंस का दूध, दही और घी, जींद का देसी बुरा और यहां का घेवर, यह वे यादें हैं, जो जींद से जुड़ ही जाती हैं। इतने बरसों में जींद का घी और जींद का घेवर तो नहीं बदला, लेकिन जींद के तेवर बदल गए हैं।
हाइड्रोजन ट्रेन के जिक्र में आएगा जिंद का नाम
पीएम मोदी ने यहां भारत की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली (पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पीएम मोदी ने कहा कि भविष्य में जब भी भारत में हाइड्रोजन ट्रेन का जिक्र होगा, तो जींद, सोनीपत और पूरे हरियाणा का नाम सबसे पहले और बड़े गर्व के साथ लिया जाएगा। जींद की ऐतिहासिक महत्ता को रेखांकित करते हुए पीएम ने कहा कि यह कोई आम जमीन नहीं है; यह इतिहास, हिम्मत, अटूट विश्वास और गर्व की धरती है। जींद में विकास की
पीएम ने सफाई का भी किया जिक्र
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने स्वच्छता अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह से जींद में स्वच्छता को लेकर लोगों का उत्साह सोशल मीडिया पर भी दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने लिखा कि पीएम मोदी बार-बार जींद आएं ताकि शहर साफ रहे। इस पर उन्होंने लोगों से सवाल किया कि क्या सफाई के लिए उनके आने का इंतजार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हर नागरिक गंदगी न फैलाने का संकल्प ले, तो जींद और पूरा हरियाणा हमेशा स्वच्छ रह सकता है।
सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन
पीएम मोदी ने कहा कि यह दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन है, जिसकी क्षमता 3,200 हॉर्सपावर है। उन्होंने बताया कि जहां दुनिया के दूसरे देशों में हाइड्रोजन ट्रेनें आमतौर पर तीन या चार कोच की हैं, वहीं भारत ने पहली ही कोशिश में 10 कोच वाली हाइड्रोजन ट्रेन तैयार की है। उन्होंने इसे ‘मेक इन इंडिया’ की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि इसे भारतीय इंजीनियरों ने डिजाइन किया है और एक भारतीय कंपनी ने इसका निर्माण किया है। इस परियोजना के लिए जींद में विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किया गया है।



