ED Raid News | Money Laundering Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने टेरर फंडिंग (Terror Funding) और अवैध घुसपैठ (Illegal Immigration) से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र में 13 स्थानों पर छापेमारी की है।
यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई। ईडी की लखनऊ जोनल ऑफिस की टीम ने राज्य पुलिस के सहयोग से संदिग्ध व्यक्तियों और संस्थानों के परिसरों में तलाशी अभियान चलाया।
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किन-किन जगहों पर हुई कार्रवाई?
ईडी की छापेमारी नई दिल्ली के बाटला हाउस और मदनपुर खादर, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, महाराष्ट्र के रायगढ़ तथा पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना, कोलकाता और मुर्शिदाबाद सहित कई स्थानों पर की गई।
जांच के दौरान अधिकारियों ने सन शाइन हेल्थ एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी, कबीरबाग मिल्लत एकेडमी और अल-जामियातुल इस्लामिया दारुल उलूम जैसे संस्थानों के साथ-साथ कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के परिसरों की भी तलाशी ली।
क्या है पूरा मामला?
अधिकारियों के अनुसार, यह मामला उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) द्वारा दर्ज की गई एक एफआईआर पर आधारित है। आरोप है कि एक संगठित गिरोह रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में अवैध घुसपैठ, उनके लिए फर्जी भारतीय पहचान पत्र तैयार कराने और उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में बसाने में मदद करता था।
जांच में क्या सामने आया?
जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में एक वित्तीय नेटवर्क का पता चला है। ईडी का आरोप है कि कुछ चैरिटेबल ट्रस्ट और संस्थाओं को बड़ी मात्रा में विदेशी फंडिंग मिली, जिसे कथित तौर पर कई बैंक खातों, म्यूल अकाउंट्स और बहु-स्तरीय लेनदेन के माध्यम से इधर-उधर भेजा गया।
जांच एजेंसी का यह भी कहना है कि कुछ संदिग्ध लाभार्थियों के खातों में नकद निकासी और कम राशि के कई ट्रांसफर के पैटर्न भी मिले हैं। मामले की जांच अभी जारी है और एजेंसी आगे जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करेगी। फिलहाल आरोपों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष आना बाकी है।



