छतरपुर। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग पर एक किसान ने गोली मारने का आरोप लगाया है। घायल किसान मोतीलाल कुशवाहा का दावा है कि क्षेत्र के किसानों पर जमीन बेचने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका आरोप है कि जो किसान जमीन बेचने से इनकार करते हैं, उन्हें धमकाया और मारपीट की जाती है। मोतीलाल कुशवाहा के अनुसार, इसी विवाद के दौरान उन पर गोली चलाई गई, जिससे वे घायल हो गए।
घटना के बाद परिजन और ग्रामीण उन्हें पुलिस की मदद से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस की ओर से अभी तक एफआईआर और घटना को लेकर आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है। घायल किसान और उनके भाई ने आरोप लगाया है कि फायरिंग शालिग्राम गर्ग ने की।
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जमीन पर कब्जे की कोशिश
घायल मोतीलाल कुशवाहा ने कहा कि वहां शालिग्राम गर्ग, अंकित मिश्रा और दो-तीन अन्य लोग थे। उन्होंने मुझे पीटा और गोली चलाई। उन्होंने पिस्तौल से तीन-चार राउंड फायरिंग की। मुझे भी यहां कान पर गोली लगी। शालिग्राम गर्ग ने मुझे यहां डंडे से मारा। वह लोगों की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा था। उसने पहले ही गांव की बहुत सारी जमीन पर कब्जा कर लिया था। उसने मुझे यहाँ सिर पर डंडे से मारा और पिस्तौल से गोली भी चलाई। मैंने उसे अपनी आँखों से गोली चलाते देखा।
पुलिस ने कहा-चार लोग थे शामिल
एसपी रजत सकलेचा ने बताया कि जिला अस्पताल में घायल के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अब तक मिले बयानों के आधार पर सतीश, शालिग्राम और आशीष सहित तीन नामजद तथा एक अज्ञात समेत कुल चार लोगों के घटना में शामिल होने की बात सामने आई है।
शालिग्राम पर मारपीट के कई केस
शालिग्राम पर पिस्टल लहराने, धमकी देने, मारपीट करने और टोलकर्मियों से झगड़े जैसे आरोप लग चुके हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने एक वीडियो जारी कर धीरेंद्र शास्त्री और बागेश्वर धाम से अपने मामलों को अलग रखने की बात भी कही थी। शालिग्राम पहली बार बड़े विवाद में तब आए थे, जब फरवरी 2023 में छतरपुर के गढ़ा गांव में एक दलित परिवार की शादी के दौरान हंगामे का मामला सामने आया था। आरोप था कि उन्होंने शादी समारोह में पिस्टल लहराई, लोगों को धमकाया और गाली-गलौज की। अप्रैल 2024 में शालिग्राम गर्ग का नाम फिर विवादों में आया। सागर जिले के मुगवारी टोल प्लाजा पर टोल शुल्क को लेकर टोलकर्मियों और उनके बीच विवाद हो गया था। आरोप लगाया गया कि टोल मांगने पर उन्होंने अपने साथियों के साथ टोलकर्मियों के साथ मारपीट की थी।
पं.शास्त्री ने कहा-मेरा उससे कोई लेना-देना नहीं
पूरे मामले को लेकर बाबा बागेश्वर ने कहा कि शालिग्राम से उनका कोई लेना-देना नहीं है और यह बात वे तीन साल पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने अपील की कि हर घटना में उनका नाम नहीं जोड़ा जाए। बाबा बागेश्वर ने कहा कि उनका परिवार केवल जैविक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरा समाज और पूरा विश्व ही उनका परिवार है। वे समाज, राष्ट्र और सनातन धर्म के लिए कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि छतरपुर जिला और उनका परिवार बहुत बड़ा है, इसलिए कहीं न कहीं घटनाएं होती रहती हैं। ऐसे मामलों को व्यक्तिगत रूप से उनसे जोड़ना उचित नहीं है।



