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मुंबई। शिवसेना यूबीटी के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि वक्फ बोर्ड और मंदिरों की संपत्तियों को किसी को हाथ नहीं लगाने देंगे। महाराष्ट्र में सीएम पद को लेकर भी ठाकरे ने ऐसा बयान दिया है जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चाएं गरम हो गई हैं। उद्धव ने कहा कि वे महाविकास अघाड़ी गठबंधन में इस पद को लेकर चर्चा कर रहे हैं।
उद्धव ने कहा कि भाजपा के साथ गठबंधन के बाद मुझे एक अनुभव हो गया है कि हमें उस नीति पर नहीं चलना चाहिए कि गठबंधन में जिस पार्टी के सबसे ज्यादा विधायक होंगे, उसी पार्टी का सीएम होगा। हमने भाजपा के साथ गठबंधन में पिछले चुनावों में ऐसा महसूस किया है कि पार्टी अपने विधायकों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में जिताने के लिए गठबंधन की दूसरी पार्टी के उम्मीदवारों को कमजोर करने की कोशिश करती है। इसलिए हम ज्यादा विधायकों वाली पार्टी को ही सीएम पद देने के पक्ष में नहीं हैं। ठाकरे ने कहा कि महाविकास अघाड़ी गठबंधन को मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर फैसला करने दीजिए। कांग्रेस और एनसीपी–एसपी को अपने–अपने सीएम उम्मीदवार का नाम सुझाने दीजिए। हम उसका समर्थन करेंगे।



