मुंबई। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे ने विधानसभा सत्र को लेकर महाकाविकास अघाड़ी (एमवीए) कीबैठक बुलाई थी। इसमें 23 विधायक नहीं पहुंचे। यहां तक कि एनसीपी चीफ शरद पवार भी नजर नहीं आए। इस पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि क्या सचमुच हम साथ हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार देर शाम महाविकास अघाड़ी के विधायकों की बैठक बुलाई गई थी। इसमें महाविकास अघाड़ी के 60 में से 37 विधायक ही पहुंचे। इस तरह 23 विधायक बैठक से गायब रहे। इस बैठक में एमवीए के बड़े नेताओं को भी पहुंचना था, लेकिन खुद शरद पवार भी नहीं पहुंचे।
👉 यह भी पढ़ें:
- Uddhav Thackeray : शिवसेना यूबीटी नेता उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी पर किया वार, कहा-गद्दारों से मिलने का समय है, युवाओं से नहीं
- उद्धव ठाकरे के छह सांसद शिंदे की शिवसेना में शामिल, डिप्टी सीएम बोले-अब छह टाइगर हमारे पास आ गए
- महाराष्ट्र में अमित शाह ने कसा उद्धव ठाकरे पर तंज, कहा-शिवसेना अब एक, कोई गुट नहीं बचा
- Shiv Sena UBT : महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे को तगड़ा झटका, पार्टी की बैठक में नहीं पहुंचे 6 सांसद
- INDIA Alliance में बड़ी टूट की आहट? Ramdas Athawale का दावा- Uddhav Thackeray से दूर हो रहे सांसद, क्या NDA में होगा बड़ा राजनीतिक खेल?
- बीएमसी चुनाव में हार के बाद बोले उद्धव ठाकरे-भाजपा ने पैसे के बल पर जीता चुनाव
उद्धव ठाकरे का छलका दर्द
अपने सांसदों के टूटने के बाद बैठक में विधायकों की अनुपस्थिति से उद्धव ठाकरे दुखी हो गए। उन्होंने एकता पर ही सवाल उठाया है और कहा कि क्या सच में हम लोग साथ हैं। यह सोचने वाली बात है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि जो साथ हैं, उन पर फोकस करें, जो गए, उन्हें जाने दें। अब हमारा मुख्य ध्यान उन लोगों पर होना चाहिए जो हमारे साथ हैं और राज्य में महाविकास अघाड़ी को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि महाविकास अघाड़ी के रूप में हम राज्य में एक बड़ी ताकत हैं. हमें आपस में समन्वय बनाए रखना होगा और भविष्य में तीनों पार्टियां मिलकर संयुक्त सभाएं, रैलियां करेंगी।
क्या हम वास्तव में एक साथ हैं
बैठक में उद्धव ठाकरे ने अघाड़ी की एकजुटता को लेकर चिंता व्यक्त की. उन्होंने पूछा कि हम कहते हैं कि हम एक साथ हैं, लेकिन क्या हम वास्तव में एक साथ हैं? क्या हम सदन में महाविकास अघाड़ी के रूप में एकजुट हैं? क्या हम एक साथ मिलकर मुद्दे उठाते हैं? ठाकरे ने इस बात पर जोर दिया कि आगामी विधानमंडल सत्र में हमें एक मजबूत और एकजुट विपक्ष के रूप में काम करना चाहिए। इसके अलावा पूरे राज्य में होने वाली सभाएं, बैठकें और आंदोलन तीनों पार्टियों को मिलकर करने चाहिए, ताकि पूरे महाराष्ट्र में हमारी एकजुटता का संदेश जाए।
एमवीए की एकजुटता पर उठ रहे सवाल
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों उद्धव गुट के छह सांसद पाला बदलकर एकनाथ शिंदे के खेमे में चले गए। ऐसे में अब उद्धव ठाकरे की नजर एमवीए के विधायकों पर भी है। उन्हें इस बात का डर है कि कहीं विधायकों में भी बागी गुट तैयार न हो रहा हो। इसको लेकर एमवीए की एकजुटता पर सवाल भी उठ रहे हैं।



