फिल्म समीक्षा- तकनीक का कमाल है ‘अवतार: फायर एंड ऐश’

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-डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी, वरिष्ठ पत्रकार

थियेटर से निकलकर सीधे यहां आ गया हूं लिखने! जेम्स कैमरन ने फिर से तकनीक और वीएफएक्स से परदे पर आग लगा दी है। इस बार आग के साथ राख भी है। अगर आपने पहली दो अवतार फिल्में देखी हैं, तो ये तीसरी वाली भी पसंद आएगी। समझ में नहीं आया कि इतनी लंबी फिल्म, 3 घंटे 17 मिनट की क्यों बनाई? क्या डॉक्टर ने बोला था?

लावा की नदियां, राख उड़ती हुई, आग वाले क्रिएचर्स – सब रियल लगते हैं! नये विंड ट्रेडर्स (हवा वाले फ्लाइंग बीस्ट्स), ऐश पीपल का डिजाइन, 3D या फिर 4D में देखो तो आंखें फटी की फटी रह जाती हैं। कैमरन ने फिर साबित कर दिया कि विजुअल्स में कोई उनकी टक्कर का नहीं!

ये अवतार की अब तक की सबसे इंटेंस वॉर फिल्म है। जेक और नेतिरी का फैमिली ग्रिफ से निकलकर बदला लेना, क्वारिच का वापस आना और नई विलेन वरंग (ओना चैपलिन) की हाजिरी!

बैटल सीन इतने बड़े स्केल के हैं कि लगता है हॉलीवुड की सारी आर्मी सिनेमाघर के पर्दे पर उतर आई है। फिल्म में पात्रों का चित्रण दिल छू जाता है। इस बार नै’वी को ग्रे शेड्स दिए हैं, अच्छे-बुरे का फर्क ब्लर हो गया। थीम्स डीप हैं – वॉर के बाद का ट्रॉमा, कल्चर क्लैश, एनवायरनमेंट। ऐश प्रजाति के लोग दया-माया नहीं समझते हैं।

फिल्म कमाल है, लेकिन बीच में कुछ सीन ड्रैग करते हैं। फैमिली ड्रामा अच्छा है, पर कभी-कभी लगता है ‘बस अब ऐक्शन शुरू करो!’ सवा तीन घंटे से भी ज्यादा लम्बी फिल्म 197 मिनट। मैंने जहाँ देखी वहां इंटरवल ही नहीं हुआ। लगातार इतनी लम्बी फिल्म देखना भी परीक्षा जैसा ही रहा।

ह्यूमन वर्सेस नै’वी, फैमिली प्रोटेक्ट करना – ये तो पुराना फॉर्मूला है ! कुछ लोग कह रहे हैं कि नया कुछ नहीं, बस विजुअल्स चेंज कर दिए। ये दूसरीवाली अवतार फिल्म का एक्सटेंशन लगती है शुरू में।

ऐश पीपल का आइडिया सुपर है, लेकिन पूरी फिल्म में वो डोमिनेट नहीं करते।

अगर आप विजुअल स्पेक्टेकल के दीवाने हैं तो IMAX 3D में जाओ – पैसा वसूल! (वरना ये film सजा लग सकती है ). ये फिल्म थियेटर का तगड़ा एक्सपीरियंस है।

केवल बड़े पर्दे पर देखनीय!

Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)
Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)http://www.hbtvnews.com
Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

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