-डॉ.प्रकाश हिन्दुस्तानी, वरिष्ठ पत्रकार
इस हफ्ते अलग-अलग माजने की तीन फिल्में लगी हैं. एक कॉमेडी है, दूसरी हॉरर और तीसरी इस दोनों से अलग नैरेटिव की.
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तीनों देखने चला गया तो लिखना रह गया. सोचा कि आज इतवार है तो लिख डालते हैं.
सबसे पहले मुदस्सर अज़ीज़ की फिल्म -पति, पत्नी और वो दो! कॉमेडी है! आयुष्मान खुराना, वामिका गब्बी, रकुल प्रीत सिंह और सारा अली खान से ओवरएक्टिंग की दुकान खोलने को कहा गया होगा. उन्होंने खोल ली! हंसी भी आई, सिरदर्द भी हुआ!
कहानी बताने का नईं, पन ये तो बतानाच पड़ेगा भिया, कि प्रजापति पांडे प्रयागराज में फॉरेस्ट अफसर है, उसकी लुगाई टीवी की खुर्राट रिपोर्टर. दोनों की ‘चेमिस्ट्री’ भी सई शॉट है और दोनों की ज़िन्दगी की गाड़ी रेल की दो पटरियों की तरह वैसे ही चल रही है जैसे भारतीय रेल चलती है.
पांडे की एक सहयोगी लेडी फॉरेस्ट ऑफिसर है, उसकी भी पटरी, पांडे से ठीक-ठाक बैठती है, पर वह स्टेशन के आउटर पर खड़ी रेलगाड़ी की तरह रहती है! नो लफड़ा, नो झंझट!
‘गोंधलात गोंधळ’ तब शुरू हो जाता है जब एक तीसरी लड़की सारा अली खान अपने पुराने बॉयफ्रेंड पांडे जी से मदद मांगने आती है और बेचारे पांडे जी ना नहीं कह पाते! जब सारा अली खुद साक्षात पांडे जी के पास मदद मांगने आ जाए तो सा ला कौन उल्लू का पट्ठा ना बोलेगा? यही हां पांडे जी के जी का जंजाल बन जाती है.
इस फिल्म में खलनायकों का कोई काम नहीं है! जरा भी क मी ना प न नहीं है, लेकिन एक दूसरे की मदद करने के चक्कर में रहते हैं, जिससे अजीबोगरीब ट्विस्ट और टर्न आते रहते हैं! कैटफाइट वाले सीन, ड्रीम सीक्वेंस, और ‘तुम मेरे हो या नहीं’ वाला ड्रामा!
इलाहाबादी सहजता से फ़िल्म में ‘बे’, ‘गुरू’, ‘काहे’, मियां’ जैसे शब्द डाले गये हैं! हीरो जब भी सड़क मार्ग से जाता है, पीछे टाइल्स बनानेवाली कम्पनी का होर्डिंग लगा रहता है! तिग्मांशु धूलिया, विजय राज़, आयेशा रज़ा के छोटे-छोटे रोल्स दर्शक को बचा लेते हैं। ‘मोयो’ रूम्स, भ्रष्ट पुलिस, वेलेंटाइन्स डे पर बजरंगी हुल्लड़, भारतीय शादियों के तथाकथित चोंचले और रिश्तेदारों के नाटक पर्दे पर भारत की मनोरंजक तस्वीर पेश करते हैं!
इस फिल्म को देखकर कहा जा सकता है कि आयुष्मान खुराना कपिल शर्मा से बेहतर कॉमेडियन और अभिनेता है! पैसे और समय खर्च करना चाहते हों, लेकिन दिमाग नहीं, तो यह फिल्म परफेक्ट है!
झेलनीय कॉमेडी फिल्म – पति पत्नी और वो दो!

-डॉ.प्रकाश हिन्दुस्तानी, वरिष्ठ पत्रकार



