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मुंबई। इन दिनों उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के साथ आने की चर्चाएं गर्म हैं। शिवसेना शिंदे गुट के नेता संजय निरुपम ने इस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब दो शून्य मिलते हैं, तो कोई आंकड़ा नहीं बनता – बस एक और शून्य जुड़ जाता है।
निरुपम का कहना है कि उद्धव ठाकरे को अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए कभी कांग्रेस का सहारा लेना पड़ता है, तो कभी मुस्लिम वोटों की राजनीति करनी पड़ती है, और अब उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के साथ गठजोड़ की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके लिए भी उन्हें सबसे पहले कांग्रेस की अनुमति लेनी होगी, क्योंकि वे अब कांग्रेस से पूछे बिना कोई निर्णय नहीं लेते।
राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश
निरुपम ने कहा कि दोनों घाटे में चल रही पार्टियां हैं। राजनीतिक रूप से ये खत्म हो चुके हैं। अब महाराष्ट्र के हित की आड़ में ये केवल अपना राजनीतिक हित साधने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने दोनों दलों को नकार दिया है और अब ये अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए एक–दूसरे का सहारा ढूंढ रहे हैं।



