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इंदौर। इंदौर के सराफा बाजार में लगने वाली रात्रिकालीन चौपाटी में सिर्फ 69 दुकानें ही लगेंगी। गुरुवार को सराफा एसोसिएशन, चौपाटी एसोसिएशन और नगर निगम की बैठक के बाद इस पर मुहर लगाई गई। इसकी सूची तैयार कर दी गई है, इसके अलावा कोई दुकान नहीं लगेगी।
गुरुवार शाम से ही निगम का भारी-भरकम अमला सराफा में तैनात कर दिया गया था। सूची के अलावा कोई और दुकानदार अगर दुकान लगाता है तो उसे जबरदस्ती हटा दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पहले 80 दुकानों की बात हुई थी, लेकिन इस पर सहमति नहीं बनी। इसके बाद फिर से बैठक कर नए सिरे से सूची तैयार की गई है। इस पर सराफा चौपाटी एसोसिएशन के अध्यक्ष राम गुप्ता और सराफा व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकुमचंद सोनी के हस्ताक्षर हैं।
सिर्फ पारंपरिक व्यंजन ही बिकेंगे
पहले चौपाटी एसोसिएशन ने अपने 80 सदस्यों की सूची निगम को काफी पहले सौंपी थी। सराफा व्यापारी इसी पर सवाल उठा रहे हैं कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा था कि चौपाटी का परंपरागत रूप कायम रखते हुए पुरातन दुकानों को रखा जाएगा। वे दुकानें गिनती की थीं तो 80 दुकानों की संख्या कैसे तय कर ली गई।। प्रशासन ने भी पहले कई बार यह स्पष्ट किया है कि सराफा अपनी पारंपरिक मिठाइयों और व्यंजनों के लिए जाना जाता है, इसलिए इसकी मूल पहचान को बनाए रखना जरूरी है। इसी हिसाब से सूची तैयार की गई है। मोमोज और चाइनीज आइटम बेचने वाली को सूची से हटा दिया गया है।



