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कोलकाता। वक्फ कानून के विरोध में बंगाल में मुर्शिदाबाद और मालदा सहित कई इलाकों में जमकर हिंसा हुई है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने आज मुर्शिदाबाद और मालदा का दौरा किया। उन्होंने इन घटनाओं को मौत का नाच बताया। उन्होंने कहा कि हिंसा का रास्ता अपनाने वाली मानसिकता को जड़ से खत्म किए जाने की जरूरत है। हमें हिंसा के पंथ को ताबूत में बंद कर ताबूत में आखिरी कील भी ठोकनी होगी। बंगाल में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए यह बेहद जरूरी है।
राज्यपाल बोस ने कहा कि मुर्शिदाबाद और मालदा जैसी घटनाएं कभी नहीं होनी चाहिए। बंगाल की सड़कों पर कई जगहों पर मौत का तांडव चल रहा है – इस तरह की हिंसा को कभी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करने और लोगों की भावनाओं को जानने के बाद उनके पास एक कार्ययोजना होगी, जिस पर मिशन मोड में काम किया जाएगा। किसी भी कीमत पर हिंसा के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी। राज्यपाल अब यहां के हालात पर केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजेंगे।
ममता बनर्जी ने जाने से किया था मना
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनसे दंगा प्रभावित इलाकों का दौरा स्थगित करने को कहा था, लेकिन राज्यपाल नहीं माने। उल्लेखनीय है कि हिंसा पीड़ित कई परिवार झारखंड के पाकुड़ जिले में चले गए हैं। कई परिवारों ने मालदा में स्थापित राहत शिविरों में शरण ली है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय ने केंद्रीय बलों को तैनात करने का आदेश दिया था। कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ समय के लिए केंद्रीय सुरक्षा बल मुर्शिदाबाद में तैनात रहेंगे। अदालत पीड़ितों के पुनर्वास की निगरानी भी करेगी। मामले में जारी राजनीतिक बयानबाजी को लेकर भी कोर्ट ने सख्ती दिखाई है।



