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नई दिल्ली। कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर से उठे बवाल के बीच एक स्टडी में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। इस स्टडी रिपोर्ट में रेप– गैंगरेप के बाद हत्या के मामलों पर राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इस श्रेणी के तहत 2017 और 2022 के बीच 1,551 मामले दर्ज किए गए। इस तरह देश में छह साल के दौरान हर सप्ताह रेप के बाद हत्या के 5 मामले रोज घटित हुए।
2018 में सबसे अधिक 294 बलात्कार–सामूहिक बलात्कार के साथ हत्या के मामले दर्ज किए गए। साल 2020 में सबसे कम 219 मामले दर्ज किए गए। यह संख्या 2017 में 223 थी। साल 2019 में 283 रेप–गैंगरेप के बाद हत्या के मामले दर्ज किए गए। साल 2021 में ऐसे मामलों की संख्या 284 रहीं। वहीं, साल 2022 में 248 ऐसे केस दर्ज किए गए। छह वर्षों के राज्यवार आंकड़ों के अनुसार यूपी मेंसबसे अधिक मामले (280) दर्ज किए। इसके बाद मध्य प्रदेश (207), असम (205), महाराष्ट्र (155) और कर्नाटक (79) का स्थान रहा।



