👉 यह भी पढ़ें:
- West Bengal Politics: Baruipur Murder Case पर गरमाई सियासत, TMC का आरोप- ‘Mamata Banerjee को घर से निकलने से रोका’
- Hansi Murder Case: सुबह एक्सरसाइज करवा रहे जिम संचालक को 5 सेकेंड में 10 गोलियां! CCTV में कैद हुई खौफनाक वारदात
- Friendship Turned Fatal: बाइक विवाद से शुरू हुई कहासुनी, दोस्त की हत्या और फिर आरोपी का एनकाउंटर
- शुभेंदु अधिकारी के करीबी की हत्या पर बड़ा खुलासा: सीबीआई जांच शुरू, आरोपी के नेताओं और माफिया से संबंध आने से मचा हड़कंप
- एक डिजिटल भुगतान से खुलेगा हत्या का राज, चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में उत्तर प्रदेश और बिहार तक पहुंची जांच
- शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी की हत्या से बंगाल में सियासी तूफान, बोले शुभेंदु—योजना के तहत की गई हत्या गुंडाराज खत्म करेंगे
0:00 left
नई दिल्ली। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कैंपस में दो नकाबपोश बदमाशों ने एलबीके हाई स्कूल के शिक्षक राव दानिश अली की गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावरों ने शिक्षक राव दानिश अली को गोली मारने से पहले कहा था.. पहले तुम मुझे नहीं जानते थे, अब जान जाओगे। इसके बाद स्कूटी सवार अपराधियों ने टीचर पर गोलियों की बौछार कर दी। करीब 10 राउंड फायर किए गए थे जिसमें 4 गोलियां टीचर को लगीं।
अलीगढ़ एसएसपी नीरज जादौन ने कहा कि आरोपियों के अभी पहचान नहीं की गई है। आरोपियों की तलाश के लिए कई टीम में गठित की गई है। अभी परिजनों से बातचीत की जाएगी। फिलहाल पुलिस द्वारा जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है, आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। हत्या के पीछे के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुई है। दानिश अली एबीके हाईस्कूल में बीते 11 साल से कंप्यूटर शिक्षक के तौर पर पढ़ा रहे थ। वे हर रोज की तरह बुधवार की रात को भी खाना खाकर टहलने के लिए निकले थे।
दानिश अली के ससुर पूर्व कांग्रेस विधायक
टीचर दानिश अली पास के एक स्कूल में कंप्यूटर के टीचर थे। उनके बड़े भाई भी यहीं पर टीचर हैं। उनके बड़े भाई छात्र राजनीति से भी जुड़ रहे हैं। दानिश के ससुर ठाकुरद्वारे के पूर्व कांग्रेस विधायक हैं। मृतक दानिश अली की मां भी यहां शिक्षिका रही हैं। उनके पिता भी यहीं नौकरी करते थे। राव मूल रूप से बुलंदशहर के रहने वाले थे, लेकिन उनका परिवार यहां रह रहा था।
सपा नेता सरकार पर साधा निशाना
सपा नेता अज्जू इशहाक ने पूरी घटना की निंदा करते हुए सरकार पर निशाना साधा है, सपा नेता ने कहा, यूपी सरकार में जीरो टॉलरेंस की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों को गोलियों का शिकार बनाया जा रहा है। आरोपी खुलेआम हत्याएं कर रहे हैं। जीरो टॉलरेंस की नीति जमीनी पटल पर धरासायी नजर आ रही है. सपा नेता शिक्षक की हत्या करने वाले आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।



