इंदौर। दुनिया आधुनिक होती जा रही है, लेकिन इंदौर बेचारा अभी भी पुराने दौर में ही जी रहा है। इसकी वजह यहां के अधिकारी हैं। यहां का बिजली विभाग तो बेचारा इतना नाजुक है कि थोड़ी सी तेज हवा चलते ही बटन बंद कर देता है। कभी ज्यादा बारिश हो जाए तो गांव से भी बदतर हालात हो जाते हैं। हर साल बिजली का बिल बढ़ता रहता है, मेंन्टेनेंस के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च होते हैं, लेकिन बेचारा विभाग अपनी सेहत नहीं सुधार पाता। अब आज ही का देख लीजिए, रंगपंचमी के दिन गेर के डर से बेचारे बिजली विभाग ने पश्चिम क्षेत्र में सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली बंद कर दी।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक गोपीकृष्ण नेमा इस पर इतने भड़के कि एक पत्र जारी कर दिया। इसमें उन्होंने लिखा कि इंदौर में पहली बार विद्युत विभाग, जिला एवं निगम प्रशासन के अधिकारियों की नादानी नासमझी एवं अवेकपूर्ण निर्णय से पश्चिम क्षेत्र के नागरिकों को त्योहार में कष्ट उठाना पड़ा। नेमा ने लिखा कि इसके कारण घर में रह रहे वृद्ध एवं बीमारों को जहां परेशानी हुई, वहीं विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी असर पड़ा।
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पूर्व विधायक ने लिखा-आज तक ऐसा नहीं हुआ
नेमा ने लिखा कि प्रातः 8:00 बजे से दोपहर 4:00 बजे तक पश्चिम क्षेत्र में विद्युत प्रदाय बंद करने का निर्णय रंगपंचमी पर पहली बार किया गया। आज तक ऐसा नहीं हुआ जो इन बुद्धिमान अधिकारियों के कार्यकाल में शहर को देखना पड़ा। नेमा ने सवाल उठाया कि गेर मार्ग की सुरक्षा के नाम पर संपूर्ण क्षेत्र को सजा देना कहां का न्याय है?
अन्य अधिकारियों के विवेक पर भी उठाए सवाल
पूर्व विधायक ने बिजली विभाग के साथ ही अन्य विभागों के अधिकारियों ते विवेक पर भी सवाल उठाए हैं। नेमा ने लिखा कि 12 महीने मेंटेनेंस के नाम पर बिजली बंद चालू करने वाला विद्युत विभाग गेर मार्ग पर विद्युत प्रदाय बाधित कर गेर जाने के बाद पुनः विद्युत चालू करता तो यह उचित माना जा सकता था। ऐसा नहीं कर अन्य विभाग के अधिकारियों ने मिलकर जो निर्णय लिया वह निंदनीय है। नेमा ने लिखा कि इस संबंध में वे सीएम से चर्चा करेंगे।



