👉 यह भी पढ़ें:
- डेली कॉलेज में भाजपा के आयोजन पर घमासान, दिग्विजय सिंह ने डीसी बोर्ड को पत्र लिखकर जताई आपत्ति, भाजपा नगर अध्यक्ष की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
- कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अयोध्या में किए रामलला के दर्शन, बोले-हम धर्म का दुरुपयोग नहीं करते
- राज्यसभा में दिग्विजय सिंह के भाषण के मायने, आखिर ‘न मैं टायर्ड हूं न रिटायर्ड हूं’ कहकर क्या दिया संदेश?
- भाजपा और संघ पर दिग्विजय सिंह ने साधा निशाना, हिंदू सम्मेलनों का जिक्र कर कहा-हम से ही चंदा लेकर हमें ही खिला रहे भंडारा
- राज्यसभा की सीट छोड़कर आखिर किसका खेल बिगाड़ना चाहते हैं दिग्विजय सिंह, कहीं यह-खाऊंगा नहीं तो खाने भी नहीं दूगा का दांव तो नहीं?
- भोपाल डिक्लेरेशन-2 की ड्राफ्ट बैठक के बाद बोले पूर्व सीएम दिग्जिवय सिंह-दलित-आदिवासी मुख्यमंत्री बने तो मुझे खुशी होगी
0:00 left
भोपाल। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपने बयानों को लेकर हमेशा चर्चा में रहते हैं। पिछले कुछ समय से वे फिर बयानों से खबरों की सुर्खियों में बने हुए हैं, लेकिन अब लगता है कि उनकी ग्रह-दशा खराब हो गई है। अगर ऐसा नहीं होता तो सरला मिश्रा की फाइल फिर से नहीं खुलती, जिसमें उन पर सीधे-सीधे आरोप लगे थे। अभी इस खबर की चर्चा जोर भी नहीं पकड़ी थी कि उनका एक वीडियो भाजपा वाले वायरल कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने दंगा-फसाद भड़काने की बात कही थी।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा की फरवरी 1997 में भोपाल के टीटी नगर स्थित आवास में जलने से मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में खात्मा रिपोर्ट कोर्ट में पेश की थी। कोर्ट ने रिपोर्ट में गंभीर खामियां पाते हुए इसे खारिज कर दिया और दोबारा जांच के आदेश दे दिए। सरला के भाई अनुराग मिश्रा ने कहा कि मेरी बड़ी बहन कांग्रेस की सक्रिय नेता थीं। उनका दस जनपथ पर सोनिया गांधी के घर पर आना–जाना था। उनकी मौत जिन परिस्थितियों में हुई उसमें कई ऐसे तथ्य हैं जो यह बताते हैं कि उनकी हत्या हुई थी, लेकिन पुलिस ने उस वक्त नेताओं को बचाने के लिए 2000 में खात्मा लगा दिया था। खात्मा रिपोर्ट अगले 19 वर्ष तक कोर्ट में पेश नहीं की गई। फरवरी 2025 में हाईकोर्ट ने आदेश दिए कि पहले खात्मा रिपोर्ट में बयान दर्ज हों और फिर कार्रवाई की जाए। इसके बाद भोपाल कोर्ट में सुनवाई चली और अनुराग के बयान दर्ज हुए।
भाई ने लगाया है हत्या का आरोप
भाई ने आरोप लगाया कि मेरी बहन की हत्या हुई है। उनका तत्कालीन सीएम से झगड़ा हुआ था। जिस समय खात्मा लगाया गया था उस समय दिग्विजय सिंह की सरकार थी। 19 साल बाद कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार आई तो रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई। अनुराग ने पुरानी जांच पर सवाल उठाते हुए तत्कालीन सीएम दिग्विजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इससे दिग्विजय की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उनका कहना है कि उम्मीद है कि मेरी बहन को न्याय मिलेगा। अब जबकि फिर से जांच शुरू हो रही है, दिग्विजय सिंह इसमें घिरते नजर आ रहे हैं।
मंत्री सारंग ने वायर किया दिग्गी का वीडियो
प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण विभाग के मंत्री और बीजेपी नेता विश्वास सारंग ने कहा कि दिग्विजय सिंह का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने खुद कबूल किया है कि दंगा–फसाद उन्होंने कराया है। उन्होंने कहा क सबसे बड़ी आपत्ति की बात है कि वह कह रहे हैं कि बाबरी मस्जिद शहीद हुई। शहीद हुई? हम तो पहले से कहते आए हैं कि दंगा फसाद कराने का काम कांग्रेस नेताओं ने किया है। ये कबूल दिग्विजय सिंह ने खुद किया है। उनका बयान आपत्तिजनक है। ये स्थापित हो गया है कि मियां दिग्गी दंगा फसाद कराने के आदि हैं। सारंग ने दिग्विजय सिंह का कथित वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर भी किया है.।उन्होंने इसके साथ लिखा,-सुनिए दिग्विजय सिंह का काबुलनामा। बाबरी मस्जिद शहीद होने पर दंगे हमने करवाए !
दिग्गी की फिसल गई थी जुबान
शाजापुर के चौबदार वाडी में मुस्लिम समाज की तरफ से आयोजित सद्भावना सम्मेलन का कार्यक्रम रखा गया था। इसमें दिग्विजय सिंह शामिल हुए। सभा को संबोधित करते समय दिग्विजय सिंह ने कहा कि बाबरी मस्जिद जब शहीद हुई थी, उस समय में कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष हुआ करता था। हिंदू–मुस्लिम को जोड़कर हमने दंगा फसाद होने में हमने पूरी कोशिश की। भोपाल में 1947 में भी ऐसे दंगा नहीं हुआ, लेकिन बाबरी मस्जिद गिरने पर दंगा हुआ।



