डेली कॉलेज में भाजपा के आयोजन पर घमासान, दिग्विजय सिंह ने डीसी बोर्ड को पत्र लिखकर जताई आपत्ति, भाजपा नगर अध्यक्ष की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल

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इंदौर। डेली कॉलेज में 22 अप्रैल से भाजपा के सात राज्यों के वरिष्ठ नेताओं के प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन किया गया है। इसकी तैयारियों के बीच ही पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने डीसी बोर्ड के प्रेसिडेंट को पत्र लिखकर इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। दिग्विजय सिंह ने लिखा है कि डेली कॉलेज परिसर का भाजपा और उससे जुड़े राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए बार-बार उपयोग किया जा रहा है। इससे डेली कॉलेज की प्रतिष्ठा, निष्पक्षता और संस्थागत स्वतंत्रता को पहुंची गंभीर क्षति पहुंच रही है।

दिग्विजय सिंह ने लिखा है कि मैं एक संरक्षक के रूप में यह पत्र अत्यंत क्षोभ, निराशा, पीड़ा और गहरी चिंता के साथ लिख रहा हूं। मैं अत्यंत कड़े शब्दों में, डेली कॉलेज, इंदौर के परिसर, नाम, प्रतिष्ठा और भौतिक प्रांगण का उपयोग भाजपा, संघ और उनसे संबद्ध राजनीतिक तंत्र से जुड़े कार्यक्रमों के लिए बार-बार किए जाने की अपनी स्पष्ट निंदा करता हूं। दिग्विजय सिंह ने लिखा है कि डेली कॉलेज कोई साधारण संपत्ति नहीं है जिसे किसी पक्षपातपूर्ण सुविधा के लिए यों ही किसी को सौंप दिया जाए, जिसका दृश्य रूप से अधिग्रहण कर लिया जाए, या जिसका प्रतीकात्मक रूप से उपयोग किया जाए।

कॉलेज के गेट पर लगा दिए थे भगवा झंडे

सिंह ने लिखा है कि यह चिंता केवल सैद्धांतिक नहीं है। ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं, जिन्होंने पूर्व छात्रों, हितधारकों और उन सभी लोगों को गहराई से व्यथित किया है, जो डेली कॉलेज की संस्थागत पवित्रता और गरिमा की परवाह करते हैं। विशेष रूप से, सितंबर 2025 के आसपास एक अत्यंत विचलित करने वाली घटना घटी थी। तब डेली कॉलेज के परिसर और प्रवेश द्वारों पर पुनः भगवा झंडे, बैनर और अन्य ऐसी दृश्य सामग्री लगी हुई दिखाई दी थी।  जो सत्ताधारी व्यवस्था से जुड़े किसी राजनीतिक कार्यक्रम से संबंधित थी। 

डेली कॉलेज की प्रतिष्ठा को नुकसान

सिंह ने लिखा है कि बार-बार यह आम धारणा बनना कि डेली कॉलेज इस तरह के पक्षपातपूर्ण प्रचार के लिए उपलब्ध है, इसकी विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुँचाता है। ये बार-बार होने वाली घटनाएं, जब एक साथ देखी जाती हैं, तो यह चिंताजनक आभास देती हैं कि स्कूल को एक स्वतंत्र शिक्षण संस्थान, विरासत और सार्वजनिक विश्वास के केंद्र के रूप में संरक्षित रखने के बजाय, धीरे-धीरे खुले तौर पर राजनीतिक प्रतीकों और उपयोग में घसीटा जा रहा है।

संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर भी आयोजन

दिग्विजय सिंह ने लिखा है कि 4 अक्टूबर 25 को आरएसएस के 100 वर्ष पूर्ण होने पर डेली कॉलेज परिसर का उपयोग किया गया था। परिसर और उसके पहुंच मार्गों पर भगवा झंडे, बैनर और अन्य सामग्री दिखाई दी, जो स्पष्ट रूप से उक्त कार्यक्रम से जुड़ी हुई थी। इससे  संस्थान को एक खुले तौर पर पक्षपातपूर्ण और वैचारिक रूप मिला। इस तरह के कार्यक्रम के लिए एक प्रमुख शिक्षण संस्थान के परिसर का उपयोग करना अत्यंत परेशान करने वाला और पूरी तरह से अस्वीकार्य है। इसने सभी देखने वालों को यह संदेश दिया कि डेली कॉलेज को एक स्पष्ट रूप से संघ से जुड़े कार्यक्रम के उत्सव, प्रचार और मेज़बानी के लिए एक पृष्ठभूमि के रूप में काम करने की अनुमति दी जा रही थी।

फरवरी में आयोजित कार्यक्रम का दिया हवाला

दिग्विजय सिंह ने 1 फरवरी 2026 को आयोजित एक कार्यक्रम का हवाला भी दिया है। सिंह ने लिखा है कि  डेली कॉलेज के हरीश चंदोक लॉन्स में पारंपरिक ओडीए रॉयल कुकिंग फेस्टिवल आयोजित किया गया था। उस समय बताया गया कि यह अवसर परिसर के अंदर और आसपास भाजपा तथा उसके सहयोगी संगठनों के एक अन्य राजनीतिक कार्यक्रम के साथ मेल खा रहा था। सिंह ने लिखा कि गर्वशाली राष्ट्रीय विरासत वाले किसी भी शिक्षण संस्थान को इस तरह की विरोधाभासी और अपमानजनक समकालिकता की मेज़बानी करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।

अब 22 अप्रैल को हो रहा प्रशिक्षण

दिग्विजय सिंह ने लिखा है कि हाल ही में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सामग्री से पता चला है कि 22 अप्रैल को डेली कॉलेज में भाजपा के एक और प्रशिक्षण-संबंधी कार्यक्रम के आयोजन के सिलसिले में तैयारियां और निरीक्षण गतिविधियां चल रही हैं। सिंह ने लिखा है कि इस तरह का लगातार जुड़ाव अब किसी एक-आध चूक से आगे बढ़कर एक ‘पैटर्न’ (प्रवृत्ति) बन गया है। इस तरह के पैटर्न को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता, न ही इसे कम करके आंका जा सकता है, और न ही इसे महज़ एक संयोग मानकर खारिज किया जा सकता है। ऐसी हर घटना उस सार्वजनिक विश्वास को कमज़ोर करती है कि डेली कॉलेज का संचालन उसके शैक्षिक उद्देश्य, संवैधानिक संस्कृति और संस्थागत गरिमा के अनुरूप किया जा रहा है।

मेरे कार्यकाल में कांग्रेस का कोई आयोजन नहीं

दिग्विजय सिंह ने लिखा है कि मैं पूरी ज़िम्मेदारी के साथ यह बात भी रिकॉर्ड पर रखना चाहूँगा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में मेरे दोनों कार्यकाल के दौरान, डेली कॉलेज के परिसर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का कोई भी कार्यक्रम कभी आयोजित नहीं किया गया। मेरे कार्यकाल के दौरान किसी भी समय इस संस्था को पक्षपातपूर्ण दलीय गतिविधियों, राजनीतिक प्रशिक्षण, या किसी विचारधारा के प्रदर्शन के लिए एक मंच के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई। दिग्विजय सिंह ने लिखा है कि डेली कॉलेज जैसी संस्था को दलीय राजनीति से ऊपर रहना चाहिए, चाहे सत्ता में कोई भी पार्टी क्यों न हो।

140 वर्ष की प्रतिष्ठा सुरक्षित रहना जरूरी

दिग्विजय सिंह ने लिखा है कि सरकारें अस्थायी होती हैं, राजनीतिक व्यवस्थाएँ बदलती रहती हैं; लेकिन 140 वर्ष से भी अधिक पुरानी इस प्रतिष्ठित और अग्रणी शैक्षणिक संस्था की गरिमा, निष्पक्षता और स्वतंत्र स्वरूप हर समय सुरक्षित रहना चाहिए। ठीक इसी कारण से, भाजपा और उससे जुड़े सहयोगी राजनीतिक संगठनों के कार्यक्रमों के लिए इस परिसर का वर्तमान में बार-बार किया जा रहा उपयोग अत्यंत चिंताजनक और किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकने वाला कृत्य है।

संस्था की साख को पहुंचा नुकसान

दिग्वजिय सिंह ने लिखा है कि इस तरह के कार्यक्रमों के लिए कैंपस का बार-बार इस्तेमाल करने से स्कूल की साख को बहुत नुकसान पहुँचा है। इससे अभिभावकों, छात्रों, पूर्व छात्रों, पूर्व पदाधिकारियों और आम जनता की नज़र में संस्था का नैतिक अधिकार कम हो गया है। इससे भी बुरी बात यह है कि इससे एक गंभीर और जायज़ आशंका पैदा हो गई है कि संस्था की देखरेख की ज़िम्मेदारी जिन लोगों को सौंपी गई है, वे ही संस्था की आज़ादी से समझौता कर रहे हैं। जो लोग डेली कॉलेज से जुड़े पदों पर हैं, वे ऐसा एक महान विरासत के संरक्षक के तौर पर करते हैं, न कि किसी पक्षपातपूर्ण दखल को बढ़ावा देने वाले के तौर पर।

पत्र में उठाए कई सवाल

दिग्विजय सिंह ने पत्र में कई सवाल भी उठाए हैं।

1. किसके अधिकार से डेली कॉलेज के परिसर को, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, ऐसे कार्यक्रमों और गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराया गया था;

2. इस संबंध में क्या मंज़ूरियां, अनुमतियाँ या प्रशासनिक फ़ैसले लिए गए थे;

3. क्या बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स को कैंपस के इस तरह के इस्तेमाल के बारे में सूचित किया गया था;

4. बाहरी संस्थाओं द्वारा स्कूल परिसर के इस्तेमाल को नियंत्रित करने वाली क्या नीति मौजूद है, खासकर उन संस्थाओं के लिए जिनका किसी राजनीतिक दल या विचारधारा से जुड़ाव हो; और

5. हाल के वर्षों में ऐसे कितने कार्यक्रमों की अनुमति दी गई है, चाहे वे सीधे तौर पर राजनीतिक हों या राजनीतिक रूप से जुड़े हुए हों।

सबसे बड़ा सवाल किसने दी मंजूरी

पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने इस कार्यक्रम की मंजूरी को लेकर सवाल उठाए हैं, वही सवाल आम जनता के मन में भी है। आखिर किसने इस आयोजन की मंजूरी दी। किसके कहने से इस तरह के आयोजन लगातार हो रहे हैं। न सिर्फ आयोजन हो रहे हैं, बल्कि पूरे परिसर में भाजपा का झंडा, बैनर-पोस्टर लगाकर उसे एक पार्टीमय किया जा रहा है।

नगर अध्यक्ष की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल

इस मामले में नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। भाजपा के लोग कह रहे हैं कि जब उन्हें डेली कॉलेज के अंदर चल रही राजनीति की पूरी जानकारी है, तब वे किसके इशारे पर बार-बार वहां आयोजन करा रहे हैं। डेली कॉलेज बोर्ड का चुनाव भी होना है। इसके लिए वहां राजनीतिक माहौल गर्म है। यह भी सबको पता है कि डेली कॉलेज बोर्ड में दिग्विजय सिंह का कितना दखल है, फिर किसको फायदा या नुकसान पहुंचाने कि लिए नगर अध्यक्ष वहां आयोजन करा रहे हैं।

Harish Fatehchandani
Harish Fatehchandanihttp://www.hbtvnews.com
Harish Fatehchandani is a dedicated journalist with over a decade of experience in the media field. He is respected for his consistent and honest reporting.

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