डेली कॉलेज में संघ के आयोजन पर उठे सवाल, अजय बागड़िया ने लिखा पत्र

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इंदौर। डेली कॉलेज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आयोजन को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। अब ओल्ड डेलियन और सीनियर एडवोकेट अजय बागड़िया ने इसको लेकर डेली कॉलेज की प्राचार्य डॉ.गुनमीत बिंद्रा को पत्र लिखा है। इसके साथ ही उन्होंने आरएसएस को भी पत्र लिखा है। इसमें बागड़िया ने चेतावनी दी है कि अगर जवाब नहीं मिला तो अब कानूनी कार्रवाई होगी।

बागड़िया ने डॉ. गुनमीत बिंद्रा को भेजे गए एक पत्र में पूर्व में उठाए गए सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर कड़ी आपत्ति जताई गई है। पत्र को इस विषय पर अंतिम संवाद बताते हुए संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने की स्थिति में सक्षम मंचों के समक्ष कानूनी और अन्य वैधानिक उपाय अपनाने की चेतावनी दी गई है। पत्र में कहा गया है कि पूर्व में संस्था की स्वतंत्रता, शासन व्यवस्था और दीर्घकालीन प्रतिष्ठा से जुड़े गंभीर सवाल उठाए गए थे, लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। पत्र लेखक के अनुसार, करीब डेढ़ सौ वर्ष पुरानी संस्था से जुड़े ऐसे सवालों को नजरअंदाज करना पारदर्शिता और जवाबदेही की भावना के अनुरूप नहीं है।

अकादमिक कैलेंडर और गतिविधियों पर भी आपत्ति

पत्र में सबसे गंभीर चिंता डेली कॉलेज के अकादमिक कैलेंडर में कथित बदलाव और ऐसी गतिविधियों से संस्था के जुड़ाव को लेकर जताई गई है, जिनसे किसी राजनीतिक अथवा वैचारिक संगठन के प्रति संस्थागत झुकाव की धारणा बन सकती है। बागड़िया ने कहा है कि शैक्षणिक संस्थानों की विश्वसनीयता उनकी राजनीतिक निष्पक्षता और स्वतंत्रता पर निर्भर करती है। यदि किसी संस्था के निर्णयों को मौजूदा सरकार या सत्ता प्रतिष्ठान की प्राथमिकताओं के अनुरूप माना जाने लगे, तो इससे उसकी दीर्घकालीन प्रतिष्ठा और सार्वजनिक विश्वास प्रभावित हो सकता है। पत्र में यह भी कहा गया है कि सरकारें और राजनीतिक परिस्थितियां बदलती रहती हैं, जबकि डेली कॉलेज जैसी ऐतिहासिक संस्था को लंबे समय तक अपनी स्वतंत्र पहचान और मूल संस्थागत मूल्यों को बनाए रखना है।

गवर्निंग बॉडी के निर्णय पर उठाए सवाल

पत्र में निर्णय प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए गए हैं। प्रबंधन से पूछा गया है कि क्या संबंधित विषय को गवर्निंग बॉडी के समक्ष रखा गया था और क्या इस संबंध में कोई औपचारिक प्रस्ताव पारित हुआ। इसके अलावा यह भी पूछा गया है कि क्या इस विषय पर किसी सदस्य ने असहमति दर्ज की थी, क्या पूर्व छात्रों, अभिभावकों और अन्य हितधारकों को निर्णय की जानकारी दी गई तथा क्या राजनीतिक या वैचारिक संबद्धता वाले संगठनों की गतिविधियों के लिए कॉलेज परिसर के इस्तेमाल को लेकर कोई स्पष्ट नीति लागू है। बागड़िया का कहना है कि इन सवालों का अब तक कोई स्पष्ट उत्तर नहीं मिला है।

प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल

पत्र में प्राचार्य एवं सचिव की भूमिका को केवल दैनिक प्रशासन तक सीमित नहीं बताते हुए कहा गया है कि संस्था की ऐतिहासिक विरासत और संस्थागत मूल्यों की रक्षा करना भी नेतृत्व की जिम्मेदारी है। पत्र में यह आरोप भी लगाया गया है कि प्रबंधन और बोर्ड की ओर से मौजूदा सत्तारूढ़ व्यवस्था के प्रति कथित रूप से अत्यधिक निकटता दिखाई जा रही है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में पत्र में कोई स्वतंत्र दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत किए जाने का उल्लेख नहीं है।

अब कोई पत्राचार नहीं होगा

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इसे इस विषय पर अंतिम संवाद माना जाए। इसमें कहा गया है कि यदि प्रबंधन की ओर से संतोषजनक और स्पष्ट जवाब नहीं मिलता है, तो निजी पत्राचार के माध्यम से समाधान की कोई और कोशिश नहीं की जाएगी। ऐसी स्थिति में डेली कॉलेज की संस्थागत अखंडता, पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को लेकर उपलब्ध कानूनी और अन्य वैधानिक उपाय सक्षम मंचों के समक्ष अपनाने की बात कही गई है।पत्र के अंत में उम्मीद जताई गई है कि डेली कॉलेज का प्रबंधन “पारदर्शिता, जवाबदेही और संस्थागत स्वतंत्रता” को प्राथमिकता देगा। बागड़िया ने कहा है कि किसी ऐतिहासिक संस्था का मूल्यांकन केवल तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों से नहीं, बल्कि इस आधार पर होना चाहिए कि उसके वर्तमान संरक्षकों ने उसकी संस्थागत स्वतंत्रता और प्रतिष्ठा को मजबूत किया या कमजोर।

संघ के सरसंचालक को भी भेजा पत्र

बागड़िया ने संघ के सरसंघचालक को भी एक पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने कहा है कि मैं मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित डेली कॉलेज के 1986 बैच के एक पूर्व छात्र के रूप में आपको यह पत्र लिख रहा हूं, और इस बात से गहरी चिंता और निराशा व्यक्त करता हूं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत के सबसे पुराने और सबसे सम्मानित शैक्षणिक संस्थानों में से एक, डेली कॉलेज, इंदौर के परिसर में एक कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव कर रहा है। यदि प्रस्तावित कार्यक्रम वास्तव में डेली कॉलेज परिसर के भीतर आयोजित किया जाना है, तो यह संस्था की राजनीतिक तटस्थता और इसकी स्वतंत्रता में जनता के विश्वास के संरक्षण के संबंध में गंभीर चिंताएं पैदा करता है।

संघ से पुनर्विचार करने का किया आग्रह

बागड़िया ने पत्र में कहा है कि  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से विनम्रतापूर्वक आग्रह करता हूं कि यदि डेली कॉलेज परिसर का उपयोग अपने कार्यक्रम के लिए प्रस्तावित किया गया है या स्वीकार किया गया है, तो इस पर पुनर्विचार करें और इसके बजाय किसी ऐसे स्थान पर कार्यक्रम का आयोजन करें जो किसी शैक्षणिक संस्थान से संबंधित न हो। मुझे विश्वास है कि इन चिंताओं पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा। कृपया सुनिश्चित करें कि मुझे अपने प्रिय शिक्षण संस्थान के हितों की रक्षा के लिए किसी भी न्यायालय या अन्य सक्षम प्राधिकारी के समक्ष कोई कानूनी कार्यवाही शुरू करने के लिए विवश न होना।

Harish Fatehchandani
Harish Fatehchandanihttp://www.hbtvnews.com
Harish Fatehchandani is a dedicated journalist with over a decade of experience in the media field. He is respected for his consistent and honest reporting.

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