डीप्टी सीएम देवड़ा के OSD दीपम रायचुरा सस्पेंड, शराब ठेके में गड़बड़ी के आरोप के चलते प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। यह मामला वर्ष 2024-25 के दौरान भोपाल के टी.टी. नगर क्षेत्र की दो शराब दुकानों के ठेकों से जुड़ा है, जिसमें ₹1 करोड़ की रिश्वत लेने और फर्जी बैंक प्रतिभूतियों (FDR) को मंजूरी देने का आरोप है।
दीपम रायचुरा पर आरोपों का खुलासा और कार्रवाई का क्रम
दीपम रायचुरा, जो उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) थे, को 9 अक्टूबर 2026 को तत्काल प्रभाव से OSD के प्रभार से मुक्त कर दिया गया। इसके बाद 12 अक्टूबर 2026 को आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी किया। आरोप दिल्ली पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच में सामने आए मोहित गोगिया के बयान से जुड़े हैं। गोगिया ने कथित ₹1 करोड़ रिश्वत देने की बात स्वीकार की है।
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शराब ठेके में ₹1 करोड़ की रिश्वत और फर्जी FDR का मामला
आरोपों के अनुसार, ₹1 करोड़ की राशि दो किस्तों में दी गई थी। ₹50 लाख नकद दीपक दुबे के माध्यम से शालीमार फोर्टलेज़ा में और बाकी ₹50 लाख बैंक खाते के जरिए हस्तांतरित हुए। इसके अलावा, AU स्मॉल फाइनेंस बैंक की ₹2.75 करोड़ से अधिक की ई-एफडीआर फर्जी पाई गई, जिसे बैंक ने जारी करने से इनकार किया। यह फर्जी FDR ठेकों के स्वीकृति में मदद के लिए बनाई गई थी।
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का स्पष्टिकरण
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि आरोपित वर्ष 2024-25 के दौरान उनके OSD नहीं थे, बल्कि सहायक आबकारी अधिकारी के पद पर थे। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष रूप से हो, इसलिए दीपम रायचुरा को OSD पद से हटाकर मूल विभाग में भेजा गया है। देवड़ा ने इस कार्रवाई को आरोपों की पुष्टि नहीं बल्कि जांच के लिए प्रशासनिक कदम बताया।
आबकारी विभाग की जांच रिपोर्ट और निलंबन की भूमिका
आबकारी विभाग ने इस मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की। प्रारंभिक रिपोर्ट में दीपम रायचुरा की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसी आधार पर उनकी निलंबन की कार्रवाई की गई है। विभागीय जांच अब भी चल रही है और सभी दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन तथा संबंधित अधिकारियों के ब्योरे की जांच की जा रही है।
मोहित गोगिया के अन्य आरोप और जांच की व्यापकता
मोहित गोगिया पर दिल्ली और आर्थिक अपराध जांच एजेंसियों के अनुसार ₹930 करोड़ के फर्जीवाड़े के मामले दर्ज हैं। नवंबर 2025 में उत्तराखंड से गिरफ्तार गोगिया ने अन्य मामलों में भी कई ठगी के आरोप झेले हैं। भोपाल में शराब ठेकों के लिए दीपम रायचुरा से हुई कथित रिश्वत की बात उनके बयान से सामने आई है। गोगिया ने सीहोर के एक प्रबंध निदेशक से 13 करोड़ रुपये की ठगी करने का भी आरोप स्वीकार किया है।
शराब ठेके मामले की जांच में पारदर्शिता की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर सेवानिवृत्त न्यायाधीश से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने शराब ठेकों, फर्जी FDR, लाइसेंस आवंटन और वित्तीय लेनदेन की पूरी जांच की बात कही है। पटवारी ने जांच के दौरान दस्तावेजों की सुरक्षा और तथ्य सार्वजनिक करने पर जोर दिया। यह मामला आम जनता के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही की परीक्षा बन गया है।



