इंदौर में रात का पारा गिरा 15.8°C, जो इस अक्टूबर महीने में रिकॉर्ड तोड़ ठंड का संकेत है। मध्य प्रदेश में तापमान में हो रही इस गिरावट से साफ होता है कि 20 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में ठंड का असर बढ़ेगा।
इंदौर में न्यूनतम तापमान में आई बड़ी गिरावट
इंदौर में बीती रात न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान सामान्य से करीब 3 डिग्री कम है और इस सीजन की सबसे ठंडी रात साबित हुई। पिछले 10 वर्षों के रिकॉर्ड में यह तापमान 5 वर्षों के न्यूनतम तापमान से भी कम है।
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दो दिनों के भीतर इंदौर में तापमान में करीब 1.7 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई है, जो ठंड के बढ़ने का संकेत है।
मध्य प्रदेश में 20 अक्टूबर से ठंड बढ़ने का अनुमान
मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के अनुसार, हाल ही में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर समाप्त हो चुका है। इसके बाद हवाओं का रुख बदलेगा, जिससे 20 अक्टूबर के बाद मध्य प्रदेश में रात के तापमान में और गिरावट आएगी।
हालांकि दिन में अक्टूबर के अंत तक गर्मी का असर बना रहेगा, लेकिन रात में ठंडक महसूस होगी।
प्रदेश में दिन का मौसम और तापमान का हाल
मध्य प्रदेश के कई इलाकों में दिन में अभी भी तीखी धूप और गर्मी बनी हुई है। ग्वालियर और नर्मदापुरम जैसे जिलों में अधिकतम तापमान 36 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।
यह तापमान प्रदेश के अन्य हिस्सों की तुलना में अधिक है, जहां अभी भी दिन में गर्मी का असर देखने को मिलता है।
मौसम विभाग के आंकड़े और अक्टूबर माह का सामान्य तापमान
मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर माह में इंदौर का औसत अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस और औसत न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस होता है।
इस बार तापमान में गिरावट के कारण औसतन से कम तापमान दर्ज हो रहा है, जो ठंड के बढ़ने का संकेत है।
मौसम परिवर्तन का आम आदमी पर असर
ठंड बढ़ने से लोगों को रात में ठंडक महसूस होगी, इसलिए गर्म कपड़े और आवश्यक सावधानियां जरूरी हो जाएंगी। खासकर बुजुर्ग और बच्चों को अधिक सावधानी बरतनी होगी।
इसके अलावा, खेती और जल स्रोतों पर भी ठंड के बढ़ने का असर पड़ सकता है, जिससे स्थानीय कृषि गतिविधियों में बदलाव आ सकता है।
आगे के दिनों में मौसम का क्या रहेगा रुख?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अक्टूबर के तीसरे सप्ताह से रात के तापमान में गिरावट जारी रहेगी। हालांकि दिन में अभी गर्मी बनी रहेगी।
अगर उत्तरी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है तो बारिश का भी अनुमान है, लेकिन फिलहाल अगले चार दिनों तक प्रदेश में बारिश की संभावना कम है।



