इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के धार-पीथमपुर रेलखंड पर सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को रेलवे अधिकारियों ने छह घंटे तक टॉली निरीक्षण किया। यह निरीक्षण इस रेलखंड की गुणवत्ता और सुरक्षा जांच के लिए महत्वपूर्ण था।
धार से सागौर तक छह घंटे का विस्तार से निरीक्षण
मुख्य अभियंता (प्लानिंग) विकास कुमार के नेतृत्व में रेलवे अधिकारियों की टीम दोपहर 12 बजे तीन ट्रॉलियों में सवार होकर धार से सागौर (पीथमपुर रेलखंड) की ओर रवाना हुई। वे शाम 6 बजे तक लगातार निरीक्षण में लगे रहे।
इस दौरान रेलवे ट्रैक, पुल-पुलियों, इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल और स्टेशन की व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई। टीम ने हर संभावित तकनीकी कमियों को खोजने और सुधारने पर ध्यान केंद्रित किया।

रेल सुरक्षा आयुक्त (CRS) के निरीक्षण की तैयारी
यह निरीक्षण 28 और 29 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित रेल सुरक्षा आयुक्त (CRS) के दौरे से पहले किया गया है। इसका उद्देश्य तकनीकी कमियों को दूर कर परियोजना को सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार करना है।
CRS के निरीक्षण के बाद ही इस रेलखंड को यातायात के लिए खोलने की अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना है। इसलिए अधिकारियों ने पूरी सतर्कता से निरीक्षण को अंजाम दिया।
इंदौर-दाहोद रेल परियोजना का महत्व और विस्तार
इंदौर-दाहोद रेल परियोजना की कुल लंबाई 204.76 किलोमीटर है। धार-पीथमपुर रेलखंड धार जिले को इंदौर के रेल नेटवर्क से जोड़ता है।
इस परियोजना से क्षेत्र के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी और यात्रा में आसानी मिलेगी। यह आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।
रेलखंड निरीक्षण का तकनीकी पक्ष
निरीक्षण के दौरान रेलवे ट्रैक की मजबूती, पुलों की संरचना, सिग्नल सिस्टम की कार्यप्रणाली और स्टेशन की व्यवस्थाओं की जांच की गई।
ट्रॉली निरीक्षण से अधिकारियों को वास्तविक समय में समस्याओं का पता चलता है। इससे सुधार के लिए त्वरित कदम उठाए जा सकते हैं।
आम जनता पर असर और संभावित बदलाव
धार-पीथमपुर रेलखंड के संचालन से स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा होगी। विशेषकर छात्रों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा।
इसके अलावा, क्षेत्र का आर्थिक विकास तेज होगा और नई रोजगार संभावनाएं भी खुलेंगी। यह परियोजना स्थानीय जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मददगार सिद्ध होगी।
आगे की प्रक्रिया और समय-सारणी
छह घंटे के इस टॉली निरीक्षण के बाद तकनीकी कमियों को दूर किया जाएगा। इसके बाद रेलवे सुरक्षा आयुक्त का दौरा होगा।
यदि CRS द्वारा दी गई रिपोर्ट सकारात्मक रही, तो जल्द ही धार-पीथमपुर रेलखंड पर ट्रेन परिचालन शुरू किया जाएगा। इससे यह परियोजना अपनी अंतिम मंजिल के करीब पहुंच जाएगी।



