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इंदौर। लोकायुक्त की इंदौर इकाई ने वन परिक्षेत्र बाग, जिला धार के फॉरेस्टर रेंजर वैभव उपाध्याय को रंगेहाथों पकड़ा है। रेंजर ने सड़क बनाने वाले ठेकेदार से लागत का तीन परसेंट मांगा था। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त की टीम ने उसे जाल बिछाकर पकड़ा।
पुलिस अधीक्षक, विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त कार्यालय इंदौर के एसपी राजेश सहाय ने बताया कि जितेंद्र वास्केल ने इसकी शिकायत की थी। आवेदक ने कहा था कि उसके द्वारा बाग रोड से पांडु गुफा तक 3 किलोमीटर रोड के निर्माण का ठेका लिया है। इसमें से लगभग 2 किलोमीटर रोड वन विभाग एरिया में आती है। इसकी अनुमति भी मेरे द्वारा वन विभाग से ली है। रेंजर वैभव उपाध्याय ने काम रुकवा दिया और लागत का 3 परसेंट रिश्वत के रूप में मांगा है।अभी कुछ समय पहले 96,000/- रुपए भी ले लिए।अभी 2 लाख रुपए रिश्वत देने का कहा है।
सत्यापन में आरोपी द्वारा दो लाख रुपए की मांग किया जाना पाया गया। शिकायत सही पाए जाने पर आज 9 अप्रैल को ट्रैप दल का गठन किया गया। आरोपी द्वारा आवेदक से रिश्वत राशि की एक लाख रुपए रुपए प्राप्त करने पर उसे रंगेहाथों पकड़ा गया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7 के अंतर्गत कार्यवाही की गई है। ट्रैप दल में डीएसपी सुनील तालान, निरीक्षक राहुल गजभिए, प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, प्रधान आरक्षक रंजीत द्विवेदी, आरक्षक अनिल परमार,आरक्षक पवन पटोरिया, आरक्षक आशीष नायडू, आरक्षक रामेश्वर निंगवाल आरक्षक कृष्णा अहिरवार सम्मिलित हैं।



