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नई दिल्ली। हरियाणा के फरीदाबाद स्थित धौज गांव में किराए के एक मकान से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद हुआ है। जम्मू–कश्मीर पुलिस, इंटेलिजेंस ब्यूरो और हरियाणा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पता चला है कि उत्तर भारत में हमले की साजिश रची जा रही थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह पूरा मामला एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा है, जिसके तार सीमा पार से भी जुड़े हो सकते हैं।
जम्मू–कश्मीर पुलिस ने सबसे पहले डॉ. आदिल अहमद राठर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान उसने नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और उनकी गतिविधियों के बारे में अहम जानकारी दी, जिसने पुलिस को आगे बढ़ने का आधार दिया। 30 अक्टूबर को पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े एक और सदस्य डॉ. शकील को हिरासत में लिया। लंबी पूछताछ के बाद शकील ने स्वीकार किया कि फरीदाबाद के धौज गांव में उसने बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और हथियार छिपाकर रखे थे। उसके बयान के आधार पर पुलिस उसे रविवार सुबह फरीदाबाद लेकर आई और मकान की पहचान कराई, जहां पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इसके बाद एक और आरोपी डॉ. मुजम्मिल को भी गिरफ्तार किया गया। वह फरीदाबाद की अल–फलाह यूनिवर्सिटी में टीचिंग करता था। उसकी भूमिका भी इस पूरे मॉड्यूल में अहम मानी जा रही है।
360 किलो ज्वलनशील सामग्री बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को लगभग 360 किलो संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट मिला, जो अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री है और आईईडी बनाने के लिए इस्तेमाल होती है। पुलिस का कहना है कि यह सामग्री आरडीएक्स नहीं है, लेकिन बहुत खतरनाक है। जांच के दौरान लगभग 5 किलो भारी धातु भी मिली, जिसका इस्तेमाल आईईडी की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसके साथ ही 20 टाइमर, बैटरियां, 24 रिमोट, इलेक्ट्रिक वायरिंग और कई इलेक्ट्रॉनिक सर्किट भी बरामद हुए। इन सभी चीजों को एक साथ देखकर साफ है कि यह पूरा सामान कई उच्च क्षमता वाले आईईडी तैयार करने के लिए इकट्ठा किया गया था।
छापे में मिला हथियारों का भंडार
छापे में बारी संख्या में हथियारों का भंडार मिला है। एक असॉल्ट राइफल मिली, जो दिखने में AK-47 जैसी है लेकिन आकार में उससे थोड़ी छोटी है। इसके साथ ही तीन मैगजीन, 84 जिंदा कारतूस, एक पिस्टल, आठ लाइव राउंड और दो खाली कारतूस भी बरामद किए गए। इसके अलावा बड़े और छोटे मिलाकर कुल बारह सूटकेस मिले, जिनमें विस्फोटकों और उपकरणों को छिपाया गया था। टीम को कई वॉकी–टॉकी सेट और अन्य संचार उपकरण भी मिले।
रची जा रही थी बड़ी साजिश
शुरुआती जांच से संकेत मिल रहे हैं कि गिरफ्तार आरोपी एक संगठित आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा थे, जिसका उद्देश्य उत्तरी भारत में बड़े पैमाने पर हमले करना था। पुलिस का मानना है कि अगर यह सामग्री समय रहते न बरामद की जाती, तो यह एक भीषण आतंकी घटना का कारण बन सकती थी। एजेंसियां अब इस नेटवर्क की फंडिंग के स्रोत, कथित सीमा–पार संपर्क, स्थानीय मददगारों और डिजिटल ट्रेल की पड़ताल कर रही हैं।
संयुक्त अभियान अभी भी जारी
फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर सत्येंद्र गुप्ता ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से हरियाणा पुलिस, फरीदाबाद पुलिस और जम्मू–कश्मीर पुलिस का एक संयुक्त अभियान लगातार चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन अभी भी जारी है और



