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पटना। बिहार में राबड़ी देवी के आवास को लेकर सियासत गरम है। राबड़ी आवास को खाली करने का नोटिस मिलने के बाद राजद ने स्पष्ट कहा है कि वह किसी भी हालत में बंगला खाली नहीं करेगी। इस पर नीतीश सरकार के मंत्री ने कहा है कि इस तरह की बयानबाजी गलत है, कोई परेशानी हो तो विभाग को लिखें।
उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को वर्तमान आवास को खाली करने का नोटिस देते हुए पटना के हार्डिंग रोड पर नया सरकारी बंगला आवंटित कर दिया है। इस पर राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने इसे राजनीतिक बदला बताते हुए अल्टीमेटम दिया – ‘जो करना है करें, लेकिन डेरा खाली नहीं करेंगे। मंडल ने कहा कि यह कदम लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के प्रति जहर भरी सोच से प्रेरित है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सवाल उठाए कि 20 सालों में कई बार सत्ता बदली, लेकिन बंगला मुद्दा कभी नहीं बना, मगर अब अचानक क्यों? क्या यह बीजेपी की चाल है? मंगनीलाल मंडल का मानना है कि गृह विभाग भाजपा के पास जाने के बाद लालू परिवार को अपमानित करने की कोशिश हो रही है। पार्टी ने फैसला लिया कि कोर्ट जाएंगे या जो भी जरूरी कदम उठाएंगे, लेकिन बंगला नहीं छोड़ेंगे।
सरकार ने आवंटित किया है नया बंगला
भवन निर्माण विभाग ने औपचारिक पत्र जारी कर राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड का बंगला दिया है जो विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के कोटे से जुड़ा है। 10 सर्कुलर रोड का पुराना बंगला अब खाली करना अनिवार्य हो गया है। विभाग के संयुक्त सचिव शिव रंजन ने पत्र में साफ लिखा कि नया आवास मिलने के बाद पुराना छोड़ना होगा।
2006 से राबड़ी देवी यहां रहती हैं
2005 में नीतीश कुमार के सत्ता में आने के बाद वर्ष 2006 में राबड़ी देवी को यह आवंटित हुआ था। यहां लालू परिवार का दरबार सजता था और सत्ता की रणनीतियां बनती थीं। 2019 के हाईकोर्ट फैसले ने पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुविधाएं बंद कर दीं, लेकिन राबड़ी को नेता प्रतिपक्ष के नाते छूट मिली हुई थी। तेजस्वी यादव की याचिका खारिज होने के बाद भी यह बंगला बचा रहा। अब नई सरकार के साथ पुरानी यादें फिर उभर आई हैं। राजद का का कहना है कि बंगला खाली कराने की कोशिश राजद समर्थकों और परिवार की गरिमा पर चोट है।
परेशानी है तो विभाग को लिखना चाहिए
आरजेडी के बयान पर मंत्री नितिन नबीन ने कहा कि मेरा कहना है कि अगर उनको कोई परेशानी है तो विभाग को लिखना चाहिए, आग्रह करना चाहिए। इसके तरीके हैं। उस आग्रह पर सरकार निश्चित रूप से आगे का निर्णय लेगी। लेकिन इस तरह से अराजक की भाषा बोलना, ये उचित नहीं है। मंत्री ने आगे कहा कि बाकी आरजेडी जिस संस्कार से जानी जाती है उस हिसाब से बयान दिया है। उनका व्यवहार उनकी पार्टी के संस्कार को दिखाता है।



