नई दिल्ली। दुनिया के महान ऑलराउंडरों और वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सर गारफील्ड सोबर्स का निधन हो गया है। वे 89 वर्ष के थे। इस दिग्गज क्रिकेटर के निधन की पुष्टि उनके बेटे डैनियल ने की।
गैरी सोबर्स का जन्म 28 जुलाई 1936 को बारबाडोस में हुआ था। बाएं हाथ के बेहतरीन बल्लेबाज होने के साथ-साथ वे बाएं हाथ के तेज-मध्यम गति के गेंदबाज और स्पिनर के तौर पर भी उतने ही असरदार थे। वहीं, अपनी बेहतरीन एथलेटिक क्षमता के कारण वे अपनी पीढ़ी के सबसे अच्छे फ़ील्डरों में से एक बने।
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एक ओवर में छह छक्के
खेल के इतिहास के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडरों में से एक सोबर्स ने मार्च 1954 से अप्रैल 1974 के बीच 93 टेस्ट मैच खेले और 57.78 की औसत से 8,032 रन बनाए। इनमें 26 शतक और 30 अर्धशतक शामिल थे। बाएं हाथ के बल्लेबाज और बाएं हाथ के तेज-मध्यम गति के गेंदबाज सोबर्स ने टेस्ट क्रिकेट में 235 विकेट लिए, जबकि फील्डिंग में उनके भरोसेमंद हाथों ने उन्हें 109 कैच दिलाए। उन्होंने सिर्फ़ एक वनडे मैच खेला, जिसमें एक विकेट लिया। वह फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज भी थे। उन्होंने 1968 में ग्लैमॉर्गन के खिलाफ नॉटिंघमशायर के लिए खेलते हुए यह कारनामा किया था।
पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 365 रन
सोबर्स ने सिर्फ 17 साल की उम्र में वेस्ट इंडीज के लिए अपना टेस्ट डेब्यू किया। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक थी 1958 में पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 365 रन की पारी, जो उस समय टेस्ट क्रिकेट में किसी खिलाड़ी का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर था। सोबर्स ने वेस्ट इंडीज़ की कप्तानी भी की और कैरिबियन और उसके बाहर के कई पीढ़ियों के क्रिकेटरों को प्रेरित किया।
नाइटहुड की उपाधि भी मिली थी
क्रिकेट में उनके योगदान के लिए उन्हें ‘नाइटहुड’ की उपाधि दी गई, विजडन के ‘क्रिकेटर ऑफ द सेंचुरी’ में शामिल किया गया। उन्हें ICC हॉल ऑफ फेम में जगह दी गई। क्रिकेट की दुनिया को चकित करने के छह दशक से भी ज़्यादा समय बाद भी, गैरी से आज भी ऑल राउंडरों की तुलना की जाती है।
93 टेस्ट में वेस्टइंडीज का नेतृत्व
उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए 93 टेस्ट मैचों में प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने 57.78 की बेमिसाल औसत से 8032 रन बनाए, जिसमें 26 शतक और 30 अर्धशतक शामिल थे। गेंदबाजी में भी उनका लोहा पूरी दुनिया मानती थी, उन्होंने अपनी सटीक और विविध गेंदबाजी के दम पर टेस्ट क्रिकेट में 235 विकेट चटकाए। इसके अलावा मैदान पर अपनी चीते जैसी फुर्ती से उन्होंने 109 कैच भी पकड़े।
16 साल की उम्र में किया था डेब्यू
सोबर्स की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने महज 16 साल की उम्र में साल 1953 में बारबाडोस के लिए अपना फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया था। उनकी इस अनोखी और जादुई प्रतिभा को सेलेक्टर्स ने तुरंत पहचाना और इसके ठीक अगले ही साल यानी 1954 में उन्हें वेस्टइंडीज की नेशनल टीम से टेस्ट डेब्यू करने का सुनहरा मौका मिल गया।



