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इंदौर। मंगलवार को इंदौर में डॉ. भीमराव आंबेडकर सम्मान अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री मोहन यादव, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया की मौजूदगी में हुई। इस अवसर पर सीएम डॉ.यादव और वसुंधरा राजे ने कांग्रेस पर जमकर शाना साधा।
सीएम यादव ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने आंबेडकर से दुश्मनी उनकी मौत के बाद भी निभाई। जीते जी उन्हें कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव नहीं जीतने दिया। जब उनकी मृत्यु हो गई तो उनका अंतिम संस्कार दिल्ली में नहीं होने दिया। अनुयायियों ने उनका अंतिम संस्कार मुंबई में किया। जिस विमान में उनकी देह को ले जाया गया। उसके किराए का बिल भी आंबेडकर जी की पत्नी को थमा दिया गया, जबकि वे आंबेडकर मंत्री थे। दिल्ली के उनके सरकारी आवास को स्मारक बनाने नहीं दिया।
वसुंधरा बोलीं- कांग्रेस ने कभी नहीं दिया सम्मान
राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने कहा कि किसी इंसान की असली पहचान तब होती है जब वह कुछ अलग करता है। जब कोई व्यक्ति कुछ अलग करता है, तो सबसे पहले उसी पर उंगलियां उठाई जाती हैं, चाहे वह कितना भी पढ़ा-लिखा क्यों न हो। बाबा साहब सिर्फ दलितों के ही नहीं, बल्कि हम सभी के नेता थे। बाबा साहेब को कांग्रेस ने कभी वह सम्मान नहीं दिया जिसके वे हकदार थे। उन्हें एक वर्ग विशेष का नेता बताकर दरकिनार किया गया, जबकि उन्होंने पूरे देश के लिए संविधान बनाया। वसुंधरा राजे ने कहा कि जो व्यक्ति सच्चाई से बोलता है, वही सबसे ज्यादा आलोचना का शिकार होता है। यही बाबा साहेब के जीवन की सबसे बड़ी सच्चाई भी रही। वसुंधरा राजे ने कहा कि बाबा साहेब जिस सम्मान के हकदार थे, वह सम्मान कांग्रेस ने उनको कभी नहीं दिया। उन्हें एक वर्ग विशेष का नेता बताकर दरकिनार किया गया। जबकि उन्होंने पूरे देश के लिए संविधान बनाया। संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि एक जीवन दर्शन है। अगर आप संविधान को पढ़ें तो आपको अपने अधिकार और कर्तव्यों की गहराई समझ आएगी।



