नई दिल्ली: पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की बिगड़ती तबीयत के बीच दिल्ली में विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासत और तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अब अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। पार्टी के आधिकारिक एक्स हैंडल के जरिए शनिवार सुबह इसकी जानकारी दी गई।
CJP की ओर से यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को धरनास्थल से हटाकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया है।
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पार्टी के आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट किया गया, “अभिजीत दीपके अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए हैं। 20 जुलाई को होने वाला ‘चलो संसद’ मार्च तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा।”
अभिजीत दीपके ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की पुष्टि की है।

इस बीच, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने चिंता जताते हुए कहा है कि उनकी सहमति के बिना वांगचुक को मुंह या नसों के जरिए किसी भी तरह का उपचार या पदार्थ नहीं दिया जाना चाहिए।
वहीं, डीसीपी नई दिल्ली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश और डॉक्टरों की सलाह के बाद सोनम वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
सोनम वांगचुक अपनी मांगों को लेकर 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। शनिवार को उनके अनशन का 21वां दिन था। उनकी लंबी भूख हड़ताल और अब अभिजीत दीपके के अनिश्चितकालीन अनशन के बाद इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
अब सवाल यह है:
क्या सोनम वांगचुक के आंदोलन और अभिजीत दीपके के अनिश्चितकालीन अनशन के बाद सरकार इस मुद्दे पर जल्द कोई बड़ा कदम उठाएगी? क्या आपको लगता है कि ‘चलो संसद’ मार्च से आंदोलन और तेज हो सकता है?
आप इस पूरे मामले को कैसे देखते हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं और इस खबर को शेयर करना न भूलें।



