नई दिल्ली/मुंबई: देश की राजधानी दिल्ली में स्थित Red Fort को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। एक अज्ञात कॉलर ने मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर लाल किले को निशाना बनाने की धमकी दी, जिसके बाद तुरंत दिल्ली पुलिस को अलर्ट भेजा गया।
जानकारी मिलते ही मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम ने यह सूचना दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम के साथ साझा की। इसके बाद उत्तरी जिला पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तत्काल हरकत में आ गईं। लाल किले और उसके आसपास के पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई तथा व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।
👉 यह भी पढ़ें:
- पीएम मोदी के भाषण पर छात्र आंदोलन का असर, 76 मिनट में 52 बार याद आए युवा और नौजवान
- लाल किला धमाका: UNSC रिपोर्ट में AQIS का नाम, पहले JeM से जुड़ा था लिंक; आखिर किस आतंकी संगठन का हाथ?
- NEET 2026 Protest: संसद मार्च में ‘बाहरी भीड़’ पर उठे सवाल, Zomato डिलीवरी बॉय से ट्रक ड्राइवर तक पहुंचे प्रदर्शन में; CCTV और ड्रोन फुटेज से होगी जांच
- Sonam Wangchuk Hunger Strike: दिल्ली में बढ़ा तनाव, CJP संस्थापक अभिजीत दीपके भी अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे
- Sonam Wangchuk News: जंतर-मंतर से तड़के पुलिस ने उठाया, अस्पताल ले जाने पर CJP का बड़ा दावा; छात्रों पर लाठीचार्ज का भी आरोप
- Delhi Terror Plot Foiled: ISI समर्थित आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़, दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई; 4 आतंकी गिरफ्तार
पुलिस और बम निरोधक टीमों ने पूरे परिसर की गहन जांच की, लेकिन किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री का पता नहीं चला। प्रारंभिक जांच के बाद अधिकारियों ने इस कॉल को फर्जी (Hoax Call) घोषित कर दिया।
हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां इस कॉल की गंभीरता को देखते हुए कॉल करने वाले की पहचान और उसके मकसद की जांच में जुटी हुई हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि धमकी देने वाला व्यक्ति कौन था और उसने यह झूठी सूचना क्यों दी।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में दिल्ली के कई संवेदनशील स्थानों, जिनमें अदालतें, सरकारी इमारतें और अन्य प्रमुख संस्थान शामिल हैं, को भी बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। ऐसे मामलों में अधिकतर धमकियां जांच के बाद फर्जी साबित हुई हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हर सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करती हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बार-बार आने वाली ऐसी फर्जी बम धमकियों के पीछे आखिर कौन है, और क्या इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए और सख्त कार्रवाई की जरूरत है?



