नई दिल्ली। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे को भारी झटका लगा है। ठाकरे गुट के के 6 बागी सांसदों को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने मान्यता दे दी है। लोकसभा सचिवालय ने उद्धव गुट के छह बागी सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मंजूरी दे दी। अब एकनाथ शिंदे गुट के सांसदों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे को उस वक्त करारा झटका लगा था, जब पिछले महीने उनके 6 बागी सांसद डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में शामिल हो गए थे। महाराष्ट्र की राजनीति में इसे ‘ऑपरेशन टाइगर’ का नाम दिया गया.
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पार्टी के सांसदों को चुरा लिया
एकनाथ शिंदे की शिवसेना में 6 यूबीटी सांसदों के विलय पर शिवसेना यूबीटी के प्रवक्ता आनंद दुबे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि साल 2022 में जब हमारी पार्टी को तोड़ा जा रहा था, तब से हम लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन, तब से आज तक हमें यह पता नहीं चल पाया कि हमारी गलती क्या है? हमारी पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह चुरा लिया गया है। इसमें तत्कालीन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कितनी बड़ी भूमिका निभाई, वो जगजाहिर है। अब 2026 में एक बार फिर हमारी पार्टी को तोड़ दिया गया. हमारे छह सांसद चुरा लिए गए। इसमें लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बड़ी भूमिका निभाई है।
दोनों पक्षों को सुने बिना फैसला
प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि हम कोर्ट जाते हैं तो समय लगता है, तारीख पर तारीख मिलती है। इस बार हमारे जो सांसद चुराए गए, उन्हें एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना का सांसद बताया जा रहा है, जबकि वो हमारे नाम और हमारे चुनाव चिन्ह पर चुनकर आए। ऐसे में लोकसभा स्पीकर ने दोनों पक्षों को सुने बिना अपना फैसला दे दिया। यह दिखाता है कि लोकतंत्र कमजोर होता जा रहा है।
ये छह सांसद हुए थे शामिल
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ को अंजाम दिया, जिसके तहत उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) में फूट पड़ गई। यूबीटी गुट के छह लोकसभा सांसद औपचारिक रूप से शिंदे गुट में शामिल हो गए थे। ये सांसद हैं-ओमप्रकाश भूपाल सिंह उर्फ ओमराजे निंबालकर (धाराशिव/उस्मानाबाद), नागेश बापुराव पाटिल आष्टीकर (हिंगोली), संजय उत्तमराव देशमुख (यवतमाल-वाशिम), संजय हरिभाऊ जाधव (परभणी), संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर पूर्व) औरभाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे (शिरडी) शामिल हैं।



