महापौरजी, कम से कम अपने पड़ोसियों से तो ‘मित्रता’ निभा लेते, उनके विरोध के बाद भी खोद डाला सुदामा नगर

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इंदौर। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जब चुनाव लड़ा था तो खुद को पूरे शहर का मित्र बताया था। लोगों ने उन पर भरोसा भी किया और मित्र मानकर वोट दिया, लेकिन वे अपने ही गृह क्षेत्र सुदामा नगर के पड़ोसियों के मित्र नहीं बन पाए। रहवासियों के विरोध के बाद भी ड्रेनज लाइन के लिए सुदामा नगर को खोद डाला है।

सुख-दुख में पड़ोसी ही काम आते हैं

इंदौर के मित्र होने का दावा करने वाले पुष्यमित्र शायद यह भूल गए है कि सुख-दुख में पड़ोसी ही काम आते हैं। तभी तो अपने ही मोहल्ले के लोगों की बातें नहीं सुनी। आश्चर्य की बात यह कि जब पड़ोसी चिल्ला रहे हैं कि अभी यहां ड्रेनेज लाइन की जरूरत नहीं, तो क्या उसी मोहल्ले में रहने वाले पुष्यमित्र भार्गव को यह बात समझ नहीं आई।

मंत्री से लेकर शहर तक दे रहा ताना

पुष्यमतित्र भार्गव के बारे में यह कहा जाता है कि वे अपनी ही धुन में रहते हैं। अपने ही अंदाज में काम करते हैं और दूसरों की परवाह नहीं करते। यह शिकायत तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सीएम के सामने खुली मंच से कर चुके हैं। पौधारापोरण के कार्यक्रम में मंत्री ने कहा था कि आजकल महापौरजी बहुत व्यस्त रहते हैं, इसलिए बैठकों में नहीं आते।

आप सही हो, लेकिन मोहल्ले का बात है

महापौरजी, आप सही हो। राजनीति में अपना भविष्य बनाने के लिए आप जो कुछ भी कर रहे हो सही है। चार नंबर से आपके दावेदारी की भी बात सही है। शहर के पार्षदों और नेताओं को भाव नहीं देने में कोई खराबी नहीं, क्योंकि आप महापौर हो यह आपका अधिकार है कि आप किससे मिले और किसकी बात सुनो। लेकिन, मोहल्ले की बात बाहर नहीं आनी चाहिए थी। शहर के लोग हंस रहे हैं कि महापौरजी अपने पड़ोसियों को ही नहीं संभाल पाए।

बारिश के समय डाल रहे ड्रेनेज लाइन

सोशल मीडिया पर पुष्यमित्र की मित्रता न निभाने के कई पोस्ट वायरल हो रहे हैं। इसमें से एक पोस्ट में कहा गया है कि वार्ड 82 सुदामा नगर में कई दिनों से अच्छी रोड को काटकर बीच में से एक डेनेज लाइन डाली जा रही है। बारिश के समय क्या यह कार्य करना उचित है पहली बात तो जब वहां के रहवासी जनता इस कार्य से खुश नहीं हैं। वह अपनी आपत्ति दर्ज कर रहे हैं कि हमें यह लाइन नहीं चाहिए हमारे घर के आगे हमारे घर पर किसी भी तरह का डेनेज संबंधित कोई भी समस्या नहीं है और ना ही कोई रोड संबंधित समस्या है। फिर क्यों पार्षद महापौर नेता नगर निगम अधिकारी इस प्रोजेक्ट को जनता के सर पर डाल रहे हैं। क्या यह रोड काटना उचित है और अगर रोड कटती है तो क्या वह पहले जैसी रह पाएगी! बारिश के अंदर जनता को कीचड़ गड्ढे जैसी समस्याओं से जूझना पड़ेगा!

बिना आवश्यकता डाली जा रही लाइन

इस संबंध में रहवासियों ने महापौर को पत्र भी लिखा था,, जिसमें ई. सुदामानगर के वार्ड कमांक 82 में नई ड्रेनेज लाइन बिछाने हेतु की जा रही खुदाई को तत्काल रोकने की मांग की गई थी। इसमें रहवासियों ने लिखा था कि उनके मोहल्ले में वर्तमान में स्थापित ड्रेनेज (सीवरेज) लाइन पुर्णतः सुचारू रूप से कार्य कर रही है। कहीं भी जल निकासी की समस्या, लाइन चोक होने अथवा अन्य कोई ऐसी तकनीकी समस्या नही है, जिससे नई ड्रेनेज लाइन डालने की आवश्यकता प्रतीत होती हो। इसके बावजुद नगर निगम द्वारा मुख्य सड़क को खोदकर नई ड्रेनेज लाइन बिछाने का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। यह कार्य प्रथम दृष्टया अनावश्यक प्रतीत होता है ती इससे सार्वजनिक धन का अनावश्यक व्यय होगा।

मोहल्ले की अच्छी सड़कें खोद डालीं

रहवासियों ने अपने पत्र में लिखा था कि  मुख्य सड़क की खुदाई से नवीन निर्मित अथवा अच्छी स्थिति में उपलब्ध सड़क क्षतिग्रस्त हो जाएगी जिससे आम नागरिकों को आवागमन में कठिनाई, धूल, प्रदूषण एवं अन्य अनेक असुविधाओं का सामना करना पड़ेगा। यदि नई ड्रेनेज लाइन डाली जाती है तो प्रत्येक मकान मालिक को अपने अपने घर की ड्रेनेज लाइन को नई लाइन से जोड़ने हेतु अतिरिक्त आर्थिक व्यय करना पड़ेगा। साथ ही प्रत्येक मकान के भीतर एवं बाहर अनावश्यक खुदाई करनी पड़ेगी जिससे भवनों की संरचना, फर्श, परिसर एवं विशेष रूप से पुराने एवं कमजोर मकानों की मजबूती पर प्रतिकुल प्रभाव पड़ने की आशंका है।

वर्तमान व्यवस्था से संतुष्ट थे रहवासी

रहवासियों ने पत्र में लिखा था कि  प्रशासन द्वारा किसी भी विकास कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व उसकी वास्तविक आवश्यकता, तकनीकी औचित्य तथा जनहित का परीक्षण किया जाना आवश्यक है। जब वर्तमान व्यवस्था संतोषजनक रूप से कार्य कर रही है, तब बिना पर्याप्त कारण इस प्रकार का कार्य कराया जाना न तो जनहित में है और न ही वित्तीय दृष्टि से उचित प्रतीत होता है। रहवासियों ने कहा था कि वर्तमान ड्रेनेज सिस्टम का परीक्षण करा या जाए, लेकिन महापौर ने एक नहीं सुनी। अब लोग इस बात से आक्रोशित हैं कि यह कैसे मित्र हैं, जो अपने मोहल्ले के लोगों की ही नहीं सुन रहे।

Harish Fatehchandani
Harish Fatehchandanihttp://www.hbtvnews.com
Harish Fatehchandani is a dedicated journalist with over a decade of experience in the media field. He is respected for his consistent and honest reporting.

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