अमेरिका-ईरान तनाव के बीच हालात एक बार फिर बेहद गंभीर हो गए हैं। ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले में जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई, जबकि एक अमेरिकी सैनिक अब भी लापता बताया जा रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, हमले में घायल चार अमेरिकी सैनिकों को जॉर्डन के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था, जिन्हें इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। मामूली चोटों वाले कुछ अन्य सैनिक भी ड्यूटी पर लौट आए हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने मारे गए सैनिकों की पहचान और हमले की सटीक जगह समेत कई अन्य सैन्य जानकारियां फिलहाल सार्वजनिक नहीं की हैं।
👉 यह भी पढ़ें:
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकर पर हमला! अज्ञात प्रोजेक्टाइल से इंजन रूम क्षतिग्रस्त
- नांदेड़ हमले के बाद बोले सुखबीर सिंह बादल, कहा- मैं डरता नहीं हूं
- नांदेड़ के गुरुद्वारा में सुखबीर सिंह बादल पर कृपाण से हमला, हिरासत में आरोपी
- Arvind Kejriwal :अमेरिकी बिल पर अरविंद केजरीवाल का पीएम पर निशाना, कहा-ट्रंप जो कहते हैं, मोदी मान लेते हैं
- Red Sea Ship Attack: यमन के पास भारतीय झंडे वाले जहाज पर हमला, समुद्र में डूबा MSV Faize Noore Olya; 13 भारतीय नाविक समेत सभी 14 सुरक्षित
- US-Iran War: इराक में नया मोर्चा, अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ड्रोन हमला; होर्मुज में 6,000 नाविक फंसे

ट्रंप के आदेश पर ईरान पर फिर अमेरिकी एयर स्ट्राइक
इस हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक बार फिर हवाई हमले शुरू कर दिए। CENTCOM के मुताबिक, लगातार आठवीं रात किए गए इन हमलों का मकसद ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना है, जिससे वह होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में कॉमर्शियल शिपिंग के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
अमेरिकी सेना का कहना है कि कार्रवाई का एक उद्देश्य ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की उन क्षमताओं को जवाब देना भी है, जिन्हें जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमले से जोड़ा गया है।
फिर टूटा अमेरिका-ईरान सीजफायर?
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है। दोनों देशों के बीच हुआ युद्धविराम एक महीने से भी कम समय में टूटने के बाद मिसाइल और ड्रोन हमलों का सिलसिला तेज हो गया है।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच टकराव बढ़ गया है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां बढ़ता सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और ऊर्जा बाजारों पर भी असर डाल सकता है।
क्या अमेरिका-ईरान तनाव अब बड़े युद्ध की ओर बढ़ रहा है?
जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की मौत और उसके बाद ईरान पर अमेरिकी एयर स्ट्राइक को लेकर दुनिया की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अगर दोनों देशों के बीच जवाबी हमलों का सिलसिला जारी रहता है, तो पूरे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका है।



