जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पुंछ और राजौरी समेत कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। अचानक आई बाढ़, फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और मकान ढहने की घटनाओं में अब तक 8 लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन और राहत-बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की भारी बारिश की चेतावनी के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा और शिवखोड़ी यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों से मौसम सामान्य होने तक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
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पुंछ में सबसे ज्यादा तबाही, कई इलाकों में भूस्खलन
पुंछ जिले के सुरनकोट और हवेली इलाके भारी बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। सुरनकोट के लोअर मुर्रा गांव में भूस्खलन की चपेट में आने से एक मकान मलबे में दब गया। हादसे में दो लोगों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि महिलाओं और बच्चों समेत छह लोगों के लापता होने की सूचना है। बचाव दल लगातार उनकी तलाश में जुटे हैं।
संगलेयानी गांव में मकान गिरने से एक युवक की मौत हुई, जबकि मरहोट इलाके में एक नाबालिग लड़की तेज बहाव वाले नाले में बह गई। धुंधक लाथूंग पुल के पास एक अज्ञात महिला का शव भी बरामद किया गया है। हवेली क्षेत्र में भी मकान गिरने की घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हुआ।

पुलस्त्य नदी में बाढ़, दुकानें और वाहन बहे
पुंछ नगर में पुलस्त्य नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई। स्थानीय जानकारी के मुताबिक, दो दुकानें, एक आटा चक्की और एक वाहन सर्विस स्टेशन पानी की चपेट में आ गए। कई वाहन भी बाढ़ में बह गए या क्षतिग्रस्त हुए हैं।
भूस्खलन के कारण जिले की कई सड़कें बंद हो गई हैं। बिजली आपूर्ति के साथ-साथ कुछ इलाकों में BSNL और Airtel नेटवर्क सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
राजौरी में Flash Flood, 50 से ज्यादा परिवार सुरक्षित निकाले गए
राजौरी शहर में शनिवार रात से जारी भारी बारिश के बाद रविवार सुबह अचानक फ्लैश फ्लड की स्थिति बन गई। दरहाली, खांडली, सुकतोह और जमोला समेत कई नदियां खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर बहने लगीं।
दरहाली नदी ने बेला कॉलोनी के पास बाढ़ सुरक्षा दीवार को तोड़ दिया, जिसके बाद पानी नए बस अड्डे तक पहुंच गया। कई वाहन पानी में डूब गए या बह गए।
अब्दुल्ला ब्रिज के पास स्थित झुग्गी बस्ती में बाढ़ का पानी घुसने के बाद 50 से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। तारिक ब्रिज और अन्य निचले इलाकों में भी जलभराव हुआ, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान शुरू किया।
प्रशासन, पुलिस, सेना, SDRF और स्थानीय स्वयंसेवक मिलकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। राजौरी के सरकारी बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी राहत एवं पुनर्वास केंद्र भी बनाया गया है।

जम्मू में तवी नदी के बीच फंसे तीन युवक
जम्मू में तवी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से तीन युवक नदी के बीच फंस गए। सूचना मिलने के बाद राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा और उन्हें सुरक्षित निकालने की कार्रवाई शुरू की गई।
वहीं, रामबन जिले के बनिहाल इलाके में एक ऑल्टो कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई।
गांदरबल और कुपवाड़ा में भी बारिश का असर
गांदरबल में रंगा मोड़ और जोजिला पास के बीच मामूली भूस्खलन हुआ, जिसके बाद सड़क बहाली का काम शुरू किया गया। श्रीनगर के विचारनाग मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर जलभराव के कारण उपराज्यपाल का प्रस्तावित कार्यक्रम भी स्थगित करना पड़ा।
कुपवाड़ा प्रशासन ने 19 से 23 जुलाई तक भारी बारिश को लेकर एडवाइजरी जारी की है। लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की गई है।
अमरनाथ यात्रा रोकी गई, वैष्णो देवी और शिवखोड़ी यात्रा भी स्थगित
IMD की भारी बारिश की चेतावनी के बाद प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा को पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से अस्थायी रूप से रोक दिया है। जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से भी श्रद्धालुओं की आगे की आवाजाही फिलहाल बंद कर दी गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, मौसम सामान्य होने और यात्रा मार्गों की सुरक्षा का आकलन करने के बाद यात्रा दोबारा शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा।
खराब मौसम के कारण माता वैष्णो देवी और शिवखोड़ी यात्रा भी फिलहाल स्थगित है। कटरा प्रशासन ने आपदा प्रबंधन के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम बनाया है।

उमर अब्दुल्ला और मनोज सिन्हा ने संभाली स्थिति
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपना दिल्ली दौरा बीच में छोड़कर जम्मू लौटने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और प्रभावित परिवारों तक हर संभव सहायता पहुंचाना है।

वहीं, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पुंछ और राजौरी की स्थिति की समीक्षा कर अधिकारियों को राहत और पुनर्वास कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
प्रशासन की लोगों से अपील
प्रशासन ने लोगों से नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। लोगों को भूस्खलन संभावित इलाकों में जाने से बचने और अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक मौसम और आपदा संबंधी सूचनाओं पर भरोसा करें। सेना, पुलिस, SDRF और अन्य बचाव टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं।



