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नई दिल्ली। लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। राहुल ने कहा कि ट्रंप ने 29 बार कहा है कि हमने युद्ध रुकवाया। अगर दम है तो प्रधानमंत्री यहां सदन में यह बोल दें कि वह असत्य बोल रहे हैं। इंदिरा गांधी के 50 प्रतिशत भी हिम्मत होगी उनमें, तो यहां बोल देंगे।
राहुल गांधी ने कहा कि जिस क्षण ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ, वास्तव में शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने खुद को और सभी दलों ने प्रतिबद्ध किया कि हम सेनाओं और भारत की सरकार के साथ चट्टान की तरह खड़े रहेंगे। हमने उनके कुछ नेताओं की ओर से अजीबोगरीब ताने और टिप्पणियां सुनी। उन्होंने कहा कि हमने बिल्कुल कुछ नहीं कहा। यह कुछ ऐसा था जिस पर इंडिया गठबंधन के सभी वरिष्ठ नेतृत्व के बीच सहमति थी। हमें बहुत गर्व है कि एक विपक्ष के रूप में हम एकजुट रहे जैसा कि हमें होना चाहिए था।
1971 के युद्ध में इच्छाशक्ति थी
ऑपरेशन सिंदूर पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि दो शब्द हैं एक ‘राजनीतिक इच्छाशक्ति‘ और ‘ऑपरेशन की स्वतंत्रता‘। यदि आप भारतीय सशस्त्र बलों का उपयोग करना चाहते हैं तो आपके पास 100% राजनीतिक इच्छाशक्ति और ऑपरेशन की स्वतंत्रता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कल राजनाथ सिंह ने 1971 और ऑपरेशन सिंदूर की तुलना की। मैं उन्हें याद दिलाना चाहूंगा कि 1971 में राजनीतिक इच्छाशक्ति थी। सातवां बेड़ा हिंद महासागर के रास्ते भारत आ रहा था। तब तत्कालीन पीएम ने कहा कि हमें बांग्लादेश के साथ जो करना है करना होगा और जहां भी आना है आओ। इंदिरा गांधी ने जनरल मानेकशॉ से कहा कि 6 महीने या एक साल जितना भी समय आपको चाहिए ले लीजिए क्योंकि आपके पास कार्रवाई, युद्धाभ्यास की स्वतंत्रता होनी चाहिए। एक लाख पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया और एक नया देश बना।
राजनाथ सिंह के भाषण पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर पर बोलते हुए कहा कि आइए अब हम ऑपरेशन सिंदूर पर आते हैं। कल मैंने राजनाथ सिंह का भाषण देखा और जब लोग बोलते हैं तो मैं काफी ध्यान से सुनता हूं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सुबह 1.05 बजे शुरू हुआ और 22 मिनट तक ये ऑपरेशन चला। फिर उन्होंने सबसे चौंकाने वाली बात कगी कि 1.35 पर हमने पाकिस्तान को फोन किया और उन्हें बताया कि हमने गैर–सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया है और हम वृद्धि नहीं चाहते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि शायद वह समझ नहीं पाए कि उन्होंने क्या खुलासा किया है। भारत के DGMO को भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर की रात को ही 1.35 बजे युद्धविराम के लिए कहने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि आपने सीधे पाकिस्तान को अपनी राजनीतिक इच्छाशक्ति बता दी कि आपके पास लड़ने की राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं है और आप लड़ना नहीं चाहते हैं। राहुल ने कहा कि भारत सरकार ने गलती की है। हमारी किसी से लड़ाई हुई है और हम उससे कहें कि भैया अब ठीक है, हम लड़ाई नहीं चाहते। हमने आपको एक थप्पड़ मारा है, दूसरा थप्पड़ नहीं मारेंगे। गलती सेना की नहीं, सरकार की थी।



