👉 यह भी पढ़ें:
- West Bengal: कोयल मल्लिक के इस्तीफे पर भड़कीं ममता बनर्जी, कहा-जिसे जहां जाना है 21 जुलाई से पहले चला जाए
- TMC : बंगाल में ममता बनर्जी को एक और तगड़ा झटका, तीन पूर्व राज्यसभा सांसद भाजपा में हुए शामिल
- TMC ऑफिस पर बागी गुट का कब्जा, बैठक के बाद लगाया ताला, अरूप रॉय का नाम लिखा बैनर टांगा
- बंगाल में टीएमसी के बागियों का बड़ा खेला, ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को पद से हटाया
- यमुना की सफाई को लेकर अमित शाह की बड़ी बैठक, अब हर 20 दिन में होगी समीक्षा
- अमित शाह को चुनौती देना पड़ा भारी, अभिषेक बनर्जी पर दर्ज हुआ मामला
0:00 left
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को लोकसभा में इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल 2025 पर चर्चा करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार पर जमकर वार किया। उन्होंने कहा कि चाहे बांग्लादेशी घुसपैठिए हों या रोहिंग्या, पहले वे असम के रास्ते भारत में आते थे जब कांग्रेस सत्ता में थी। अब वे पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत में आते हैं जहां टीएमसी सत्ता में है। कौन उन्हें आधार कार्ड, नागरिकता जारी करता है? पकड़े गए सभी बांग्लादेशियों के पास 24 परगना जिले के आधार कार्ड हैं। टीएमसी उन्हें आधार कार्ड जारी करती है और वे वोटर कार्ड के साथ दिल्ली आते हैं।
गृह मंत्री शाह ने कहा कि हमारी बांग्लादेश से सटी हुई सीमा 2216 किमी है, जिसमें से 1653 किमी बाड़ बन चुका है। बाड़ के पास का रोड भी बन चुका है और चौकियां भी बन चुकी है। सेज फैंसिंग की लंबाई 563 किमी है, ये सीमा आज भी खुली है। सेज फैंसिंग जो 563 किमी है, उसमें 112 किमी ऐसी है जहां नदी, नाले, पहाड़ियां आदि के चलते फैंसिंग नहीं हो सकती। वहीं 450 किमी जहां फैंसिंग होना है वो बाकी है और ये इसलिए बाकी है क्योंकि बंगाल सरकार जमीन नहीं देती है। इसके लिए सात मीटिंग हो चुकी है
बांग्लादेशी घुसपैठिये को दी चेतावनी
गृह मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा क हमारे इमीग्रेशन का स्केल और साइज दोनों बहुत बड़ा है। इसके साथ-साथ शरण लेने की जगह अपने निहित स्वार्थ और देश को असुरक्षित करने वालों की संख्या भी बढ़ी है। ऐसे में जो लोग भारत की व्यवस्था में कंट्रिब्यूट करने के लिए आते हैं, व्यापार और शिक्षा के लिए आते हैं, ऐसे सभी लोगों का स्वागत है। लेकिन, चाहे रोहिंग्या हो या बांग्लादेशी हो, अगर यहां अशांति फैलाने के लिए आते हैं तो ऐसे लोगों के साथ बड़ी कठोरता के साथ उनके साथ व्यवहार होगा।
भारत कोई धर्मशाला नहीं कि कोई भी बस जाए
गृह मंत्री ने कहा कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है, जहां कोई भी व्यक्ति किसी भी उद्देश्य से आकर बस जाए। जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा होगा, उसे रोकने का अधिकार संसद के पास है। साथ ही, यह विधेयक सुरक्षा एजेंसियों द्वारा बनाई गयी ब्लैक लिस्ट को भी कानून प्रावधान देगा। गृह मंत्री ने कहा कि आप्रवास संबंधी पुराने तीनों विधेयक 1920, 1939 और 1946 ब्रिटेन की संसद में बनाए गए थे। आज, हमारी पूरी आप्रवास नीति नए भारत की नई संसद में बनने जा रही है, ये हमारे लिए गौरव की बात है।
दस्तावेजों की जांच का पूरा अधिकार है
शाह ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया और कहा कि जिस तरह के सवाल पूछे गए हैं, उनसे काफी हैरानी होती है। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने भाजपा को वोट दिया। हमने बहुमत की सरकार बनाई है। ऐसे में सरकार के पास विदेशी लोगों की घुसपैठ, भारत आने वाले लोगों के पास वैध कागजात हैं या नहीं, इसकी जांच करने का पूरा अधिकार है।
लोकसभा से विधेयक पारित हुआ
गृह मंत्री अमित शाह के जवाब के बाद गुरुवार शाम करीब 6.20 बजे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विधेयक पारित होने का एलान किया। पहले स्पीकर बिरला ने विधेयक में प्रस्तावित संशोधनों पर मतदान की औरचारिकताएं पूरी कीं। विपक्षी सांसदों की तरफ से पेश अधिकांश संशोधन खारिज हो गए।



