कोलकाता। पश्चिम बंगाल में बुरी तरह हार के बाद ममता बनर्जी की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही। सोमवार को टीएमसी के बागी गुट ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को उनके पद से सस्पेंड कर दिया है। न्यूज टाउन में हुई शाम की बैठक में टीएमसी के बागी गुट ने ममता बनर्जी को चैयरमेन पद से सस्पेंड किया। उनकी जगह हावड़ा सेंट्रल के एमएलए अरूप रॉय को चेयरमैन नियुक्त किया है।
बागी गुट ने अभिषेक बनर्जी को ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी के पद से भी सस्पेंड कर दिया है। इससे पहले सोमवार को विधानसभा में बजट सत्र हुआ। सत्र के बाद टीएमसी के बागी विधायकों ने न्यूटाउन होटल में मीटिंग की। इस मीटिंग में 60 एमएलए शामिल हुए। इस दौरान 70 पूर्व पार्षद भी मौजूद रहे। बैठक में राज्य के पूर्व मंत्री जावेद खान, अरूप रॉय और कोलकाता नगर निगम के कई पार्षद मौजूद थे। इस मीटिंग में टीएमसी के नाम और पार्टी के चिन्ह का इस्तेमाल किया गया। कार्यक्रम स्थल पर पश्चिम बंगाल के पूर्व मु्ख्यमंत्री और टीएमसी चीफ ममता बनर्जी की तस्वीरें नहीं थी।
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टीएमसी की नई नेशनल वर्किंग कमेटी बनी
बैठक में टीएमसी की नई नेशनल वर्किंग कमेटी बनाई गई है। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष अरूप रॉय, नेशनल जनरल सेक्रेटरी संदीपन साहा, जावेद खान और रिताब्रता बनर्जी को बनाया है। साथ ही उपाध्यक्ष फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास और रथिन घोष को नियुक्त किया है।
2022 के बाद संगठन का पुनर्गठन नहीं
ऋतब्रत बनर्जी गुट का कहना है कि पार्टी में ‘संवैधानिक संकट’ पैदा हो गया था। उनका दावा है कि टीएमसी के संविधान के अनुसार हर तीन साल में राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन होना चाहिए। आखिरी बार यह समिति फरवरी 2022 में बनी थी और उसके बाद संगठन का पुनर्गठन नहीं किया गया। ऋतब्रत बनर्जी ने बैठक में कहा कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी संगठनात्मक ढांचे का नवीनीकरण नहीं किया गया, इसलिए पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू करना जरूरी हो गया था।
अब चलेगी चुनाव चिह्न की लड़ाई
इस राजनीतिक खींचतान के बीच अब पार्टी के चुनाव चिह्न और करीब 1,100 करोड़ रुपये के पार्टी फंड की लड़ाई शुरू होने वाली है। बागी सांसदों ने संकेत दिए हैं कि वे पार्टी के चुनाव चिह्न पर दावा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे। बागियों की शिकायत पर टीएमसी के तीन बैंक खाते भी फ्रीज कर दिए गए हैं।



