👉 यह भी पढ़ें:
- Rahul Gandhi के बयान से गरमाई सियासत, प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बोले-भाजपा और संघ से नहीं मांगूंगा माफी, बीजेपी ने भी किया पलटवार
- Pralhad Joshi : विपक्ष के निशाने पर केंद्र सरकार के नए शिक्षा मंत्री, राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा ने किया हमला तो गरमाई सियासत
- Rahul Gandhi ने कहा-छात्रों की तीन मांगे हैं, इनपर कोई समझौता नहीं होगा, धर्मेन्द्र प्रधान का विभाग बदलना भी मंजूर नहीं
- NEET पेपर लीक पर घिरी सरकार! राहुल गांधी के धरने के बाद बदली रणनीति, सोनम वांगचुक से मुलाकात और संसद में चर्चा पर बनी सहमति
- Rahul Gandhi ने किया सरकार पर हमला, 10 साल में 152 पेपर लीक, एक को भी सजा नहीं
- Rahul Gandhi Viral Video: हिरासत के बाद छत्रसाल स्टेडियम से राहुल गांधी का VIDEO वायरल, बोले- ‘छात्रों की आवाज दबाई जा रही है’
0:00 left
राहुल गांधी दक्षिण अमेरिकी दौरे पर रवाना
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शनिवार को चार दक्षिण अमेरिकी देशों की यात्रा पर रवाना हो गए। इस दौरान वे राजनीतिक नेताओं, विश्वविद्यालय के छात्रों और कारोबारी जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। कांग्रेस की मीडिया और प्रचार विभाग के प्रभारी पवन खेड़ा ने यह जानकारी दी, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि राहुल गांधी कितने दिन तक विदेश में रहेंगे।

ब्राजील और कोलंबिया में छात्रों से संवाद
कांग्रेस के अनुसार राहुल गांधी अपनी यात्रा के दौरान ब्राजील और कोलंबिया सहित अन्य देशों के विश्वविद्यालयों में छात्रों से बातचीत करेंगे। उनका उद्देश्य नई पीढ़ी के वैश्विक नेताओं के साथ संवाद और सहयोग को बढ़ावा देना है।
रणनीतिक और व्यावसायिक संबंधों पर जोर
कांग्रेस ने बताया कि राहुल गांधी विभिन्न देशों के राष्ट्रपतियों और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे ताकि लोकतांत्रिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत किया जा सके। इसके अलावा, वे व्यावसायिक नेताओं से भी बातचीत करेंगे, ताकि अमेरिकी टैरिफ के बाद भारत व्यापार और साझेदारियों को विविध बनाने के नए अवसर तलाश सके।
भारत-दक्षिण अमेरिका संबंधों को नई दिशा
कांग्रेस ने कहा कि यह यात्रा भारत और दक्षिण अमेरिकी देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे गुटनिरपेक्ष आंदोलन, ग्लोबल साउथ की एकजुटता और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की परंपरा को आगे बढ़ाती है। राहुल गांधी का यह प्रयास व्यापार, तकनीक, सतत विकास और लोगों के बीच संपर्क के नए रास्ते खोलने के साथ-साथ भारत की लोकतांत्रिक विपक्ष की अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूत करने पर केंद्रित है।



