नई दिल्ली। संसद परिसर में शुक्रवार को विपक्ष ने राम मंदिर में चंदा चोरी के खिलाफ प्रदर्शन किया था। भाजपा ने इस मामले में राहुल गांधी और विपक्ष को निशाने पर लिया है। अमित मालवीय ने राहुल गांधी के जूता पहनने पर सवाल उठाए, वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के रवैये को लेकर नाराजगी जाहिर की है।
मालवीय ने राहुल गांधी पर लगाए आरोप
भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पार्टी पर हिंदू आस्था का अपमान करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। एक् पर जारी पोस्ट में मालवीय ने दावा किया कि भगवान श्रीराम की तस्वीर के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उससे करोड़ों रामभक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने इसे हिंदू समाज का अपमान बताते हुए राहुल गांधी और कांग्रेस से तत्काल माफी मांगने की मांग की।
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राहुल गांधी ने जूते पहनकर चढ़ाया चढ़ावा
अमित मालवीय ने सवाल उठाया कि जूते पहनकर कौन भगवान श्रीराम को चढ़ावा चढ़ाता है? हिंदू तो अपने घर के मंदिर में भी जूते-चप्पल उतारकर ही भगवान के दर्शन करते हैं। इसी क्रम में उन्होंने राहुल गांधी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘एक ईसाई मां और पारसी पिता से जन्मे राहुल गांधी से हिंदू आस्थाओं के आदर की अपेक्षा भी कैसे की जा सकती है?’ मालवीय ने यह भी कहा कि भगवा वस्त्र पहनकर बैठा व्यक्ति कांग्रेस का नेता और राहुल गांधी का ‘स्वघोषित चमचा’ है। मालवीय ने कहा कि राहुल गांधी व कांग्रेस को इसके लिए तत्काल हिंदू समाज से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।
किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर किया वार
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर जमकर वार किए हैं। रिजिजू ने उन आरोपों को खारिज किया है जिसमें विपक्ष ने आरोप लगाया था कि सरकार ने बिना चर्चा किए नए बिलों को संसद से पास करा दिया। विपक्ष के इन आरोपों का जवाब देते हुए रिजिजू ने कहा कि ऐसे आरोप कोई नई बात नहीं हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार इस तरह के आरोप लगाते रहे हैं।
विधेयक पास कराना जरूरी
रिजिजू ने कहा कि संसद को बजट और अन्य महत्वपूर्ण मामलों को भी मंजूरी देनी होती है। अगर लगातार हंगामे के कारण सरकार जरूरी विधेयक भी पारित नहीं करा पाए, तो फिर संसद चलाने का उद्देश्य ही क्या रह जाएगा? उन्होंने कहा कि सरकार विधेयक पारित कराती रहेगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि विपक्ष बाद में यह आरोप न लगाए कि बिना चर्चा के बिल पारित किए गए, क्योंकि चर्चा के लिए पर्याप्त समय दिया गया है।
अपनी गरिमा का ध्यान रखें सांसद
सांसद पप्पू यादव के विरोध-प्रदर्शन के तरीके पर किरेन रिजिजू ने कहा कि लोकसभा स्पीकर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि संसद वेशभूषा बदलकर प्रदर्शन करने का मंच नहीं है। उन्होंने कहा कि सांसदों को अपनी गरिमा और गंभीरता बनाए रखनी चाहिए। अगर कोई सांसद है, तो उसका व्यवहार भी उसी गरिमा के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद नाटकबाजी की जगह नहीं है और स्पीकर इस बारे में पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं, इसलिए उन्हें इसे दोहराने की जरूरत नहीं है।
जन्म और मृत्यु पंजीकरण विधेयक पास
जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित करा लिया, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। मानसून सत्र की शुरुआत 20 जुलाई से हुई थी। तब से अलग-अलग मुद्दों पर विपक्ष के विरोध के कारण लोकसभा और राज्यसभा में प्रश्नकाल और शून्यकाल नियमित रूप से नहीं चल सके हैं। यह विधेयक जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1969 की धारा 13(3) में संशोधन करता है। इसका उद्देश्य जन्म और मृत्यु के देरी से पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक सख्त और सत्यापन आधारित बनाना है ताकि फर्जी या गलत पंजीकरण पर रोक लगाई जा सके। मौजूदा व्यवस्था के अनुसार जन्म या मृत्यु की सूचना 21 दिनों के भीतर स्थानीय रजिस्ट्रार को देना अनिवार्य है। 21 से 30 दिनों के भीतर निर्धारित शुल्क और प्रक्रिया के तहत पंजीकरण कराया जा सकता है, जबकि 30 दिन से एक वर्ष तक की देरी होने पर सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति आवश्यक होती है।



