नई दिल्ली। भारत की जुडो खिलाड़ी अस्मिता डे ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया है। त्रिपुरा की 23 वर्षीय खिलाड़ी ने महिला 48 किग्रा वर्ग के फाइनल में कनाडा की हाइडी क्वाच को हराकर भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास का पहला जुडो स्वर्ण पदक दिलाया। एक अन्य मुकाबले में भारत के हर्ष सिंह ने भी जूडो में गोल्ड मेडल जीता है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में कोई भी भारतीय जूडो एथलीट गोल्ड मेडल नहीं जीत पाया था। अस्मिता ने महिलाओं की 48 किलोग्राम वर्ग प्रतियोगिता के फाइनल में कनाडा की एथलीट को हराया। दूसरी ओर हर्ष सिंह नए पुरुषों की 60 किलोग्राम वर्ग में ऑस्ट्रेलिया के एथलीट को हराकर इतिहास रच दिया।
👉 यह भी पढ़ें:
पहली बार 1934 में भारत ने लिया था हिस्सा
उल्लेखनीय है कि भारत नए पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग 1934 में लिया था। 92 साल बीत चुके थे, लेकिन जूडो में भारत को कोई गोल्ड मेडल नहीं मिल पाया था। यह गोल्ड मेडल का सूखा अस्मिता डे नए समाप्त किया, जिन्होंने फाइनल में कनाडा की हाइडी क्वाच को हराया। उनका मुकाबला फुल टाइम तक बराबरी पर था, जिसके बाद एक्स्ट्रा टाइम का सहारा लिया गया। एक्स्ट्रा टाइम में जो भी एथलीट पहले स्कोर करता है, उसे जीता हुआ माना जाता है। अस्मिता ने एक्स्ट्रा टाइम में पहले स्कोर करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

हर्षष सिंह ने जोशुआ को हराया
वहीं हर्ष सिंह ने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज को बेहद आसानी से 10-0 के अंतर से हराया। वे कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के पहले पुरुष एथलीट बन गए हैं।
भारत को अब तक मिले 5 गोल्ड
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत अब तक पांच गोल्ड जीत चुका है। भारत अब पदक तालिका में आठवें नंबर पर आ गया है। भारत के नाम अभी 5 गोल्ड मेडल, 10 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल हैं। अस्मिता और हर्ष के बाद भारत को यामिनी मौर्य से भी जूडो में गोल्ड मेडल की उम्मीद है। यामिनी को महिलाओं की 57 किलोग्राम वर्ग प्रतियोगिता के फाइनल में इंग्लैंड की एसिला टोपराक से भिड़ना है।



