राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी मिलने की उम्मीद कायम : खेल मंत्री मांडविया
खेल मंत्री मनसुख मांडविया को पूरा विश्वास है कि कनाडा और नाइजीरिया के बोली लगाने में रुचि दिखाने के बावजूद भारत 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी हासिल कर लेगा। कनाडा और नाइजीरिया दोनों ने 31 मार्च की समय सीमा से पहले अपनी रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) प्रस्तुत की है।
मांडविया ने कहा, “मुझे जानकारी मिली है कि कनाडा और नाइजीरिया ने रुचि दिखाई है, लेकिन हमें विश्वास है कि भारत को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी मिलेगी।”
उन्होंने यह भी बताया कि ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया द्वारा बढ़ती लागत के कारण खेलों से हटने के बाद से ही आयोजक देश की तलाश चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। अब ग्लासगो अगले साल होने वाले टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है, हालांकि उसमें मुक्केबाजी, कुश्ती, हॉकी, क्रिकेट, बैडमिंटन और निशानेबाजी जैसे प्रमुख खेल शामिल नहीं होंगे।
अगर भारत को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी मिलती है, तो यह देश के खेल समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दिशा में मजबूत संकेत होगा।
मांडविया ने यह भी बताया कि इस सिलसिले में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के साथ बातचीत जारी है, और भारत जून में नई आईओसी अध्यक्ष क्रिस्टी कोवेंट्री के कार्यभार संभालने के बाद अपनी प्रस्तुति देने के लिए तैयार है।
युवाओं के लिए तीन नई सामाजिक पहल
इसके साथ ही मांडविया ने यह भी घोषणा की कि खेल मंत्रालय देश में तीन विशेष सामाजिक पहल शुरू करने जा रहा है, जिनमें युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी।
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