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ट्रंप प्रशासन ने वीजा नियम किए सख्त: स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और अंग्रेजी क्षमता पर होगी कड़ी जांच
ट्रंप प्रशासन ने विदेशी नागरिकों के लिए अमेरिकी वीजा नियमों को और सख्त कर दिया है। नई गाइडलाइन के तहत अब आवेदकों की उम्र, स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति, शिक्षा, कौशल और अंग्रेजी बोलने की क्षमता जैसे कई पहलुओं की कड़ी जांच की जाएगी।
अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने दूतावासों और कांसुलर अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वीजा आवेदकों की गहन जांच की जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे अमेरिका पहुंचने के बाद सरकारी सहायता पर निर्भर न हों।

स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियां बन सकती हैं वीजा में बाधा
नई नीति के तहत मधुमेह, मोटापा, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं जैसी बीमारियां वीजा मिलने में बाधा बन सकती हैं।
अधिकारियों को यह भी जांचने के निर्देश दिए गए हैं कि आवेदकों के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन हों और वे स्वतंत्र रूप से अमेरिका में रहने में सक्षम हों।
आर्थिक स्थिति और दस्तावेजों की सख्त जांच
वीजा आवेदकों से अब उनके बैंक दस्तावेज, संपत्ति, निवेश और पेंशन खातों का पूरा विवरण मांगा जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम वीजा मिलने की संभावनाओं को घटा सकता है और अमेरिका में पहले से रह रहे परिवारों के लिए भी नई मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
ट्रंप प्रशासन की दलील
स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता ने कहा कि, “अमेरिकी हित पहले आते हैं और नई गाइडलाइन यह सुनिश्चित करेगी कि अमेरिकी टैक्सपेयर्स पर बोझ न पड़े।” हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि इस नीति के प्रभाव काफी हद तक कांसुलर अधिकारियों की व्याख्या पर निर्भर करेंगे।
नई गाइडलाइन से यह संकेत मिलता है कि ट्रंप प्रशासन आव्रजन नीति को और प्रतिबंधात्मक दिशा में ले जा रहा है, जिससे अमेरिकी वीजा प्राप्त करना अब पहले से कहीं अधिक कठिन हो सकता है।



