👉 यह भी पढ़ें:
- भारत पर कमजोर मानसून का बड़ा संकट! 2009 के बाद सबसे कम बारिश का खतरा, फसलों और महंगाई पर असर संभव
- UPI के 10 साल पूरे: ₹314 लाख करोड़ के लेनदेन तक पहुंचा भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम
- सेमीफाइनल का सपना टूटा! ऑस्ट्रेलिया से 0-0 ड्रॉ के बाद महिला हॉकी वर्ल्ड कप से बाहर हुआ भारत
- मनुस्मृति पर राहुल गांधी के बयान से सियासत गरम, निशिकांत दुबे का पलटवार
- NTPC तालचेर पावर प्लांट में बड़ा हादसा: बंकर-बी में जोरदार धमाका, 5 श्रमिक गंभीर रूप से झुलसे
- तेलंगाना की फार्मा कंपनी में बड़ा रिएक्टर ब्लास्ट, 2 कर्मचारियों की मौत; 9 घायल
0:00 left
इस्लामाबाद विस्फोट पर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया: विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के आरोपों को किया खारिज
भारत ने इस्लामाबाद कार विस्फोट को लेकर पाकिस्तान की ओर से लगाए गए आरोपों को कड़े शब्दों में खारिज किया है। विदेश मंत्रालय ने इसे पाकिस्तान की पुरानी और असफल रणनीति बताया, जिसके तहत वह अपने देश की सांविधानिक अस्थिरता और सत्ता संघर्ष से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “भारत उन झूठे और मनगढ़ंत आरोपों को पूरी तरह से अस्वीकार करता है, जो पाकिस्तानी नेतृत्व ने जनता को गुमराह करने के उद्देश्य से लगाए हैं। यह पाकिस्तान की एक पुरानी चाल है — भारत पर निराधार आरोप लगाकर अपनी घरेलू नाकामियों और सेना-प्रेरित अस्थिरता को छिपाने की कोशिश।”
उन्होंने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान की इन ध्यान-भटकाने की कोशिशों से गुमराह नहीं होगा, क्योंकि सबको पता है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक समस्याओं से जूझ रहा है।

इस्लामाबाद कार विस्फोट की घटना
सोमवार को इस्लामाबाद के सेक्टर जी-11 स्थित डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट के बाहर हुए आत्मघाती कार विस्फोट में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई और 30 घायल हुए। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने हमले की निंदा करते हुए इसमें ‘भारत समर्थित चरमपंथी समूहों’ के शामिल होने के आरोप लगाए।
विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को “निराधार और बेबुनियाद” बताया और कहा कि यह इस्लामाबाद की ओर से अपने राजनीतिक और सांविधानिक संकट से ध्यान हटाने का प्रयास है।
यह भी उल्लेखनीय है कि इस हमले से एक दिन पहले दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास भी एक कार विस्फोट हुआ था, जिसमें 12 लोगों की मौत हुई थी। दोनों घटनाओं के बीच समानता पर जांच एजेंसियां नजर बनाए हुए हैं।
भारत ने साफ किया है कि वह पाकिस्तान के झूठे आरोपों को सिरे से खारिज करता है और इसे केवल राजनीतिक ध्यान भटकाने की कोशिश मानता है। वहीं अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान से अपेक्षा कर रहा है कि वह अपने भीतर के चरमपंथ और अस्थिरता से निपटने पर ध्यान दे, न कि दूसरों पर आरोप लगाने की नीति अपनाए।



