👉 यह भी पढ़ें:
- अखिलेश यादव ने साधा योगी सरकार पर निशाना, कहा-इस सरकार के लिए धर्म का मतलब धन है
- सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को हरे निशान में बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 1205.00 अंक ऊपर और निफ्टी में 394.05 अंकों की तेजी
- फर्जी बाबा अशोक खरात बांटता था ‘ओश्नो जल’ का प्रसाद, महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर भी बन गई थीं शिकार
- संभल में नमाज के मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीएम-एसपी को लगाई फटकार, कहा- इस्तीफा दीजिए या तबादला करवा लीजिए
- बजट पर बोलीं ममता बनर्जी-इससे देश की अर्थव्यवस्था को पहुंचेगा नुकसान, बंगाल को किया नजरअंदाज
- बीएमसी चुनाव के लिए महायुति का घोषणापत्र जारी, बेस्ट की बस में महिलाओं को पचास फीसदी छूट सहित कई वादे
0:00 left
ढाका। बांग्लादेश में मंदिरों पर हमला जारी है। शुक्रवार रात ढाका के एक और हिंदू मंदिर को निशाना बनाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कट्टरपंथियों ने ढाका के एक इस्कॉन मंदिर पर हमला किया। फिर तोड़फोड़ कर मूर्तियों में आग लगा दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कट्टरपंथियों ने इस्कॉन नमहट्टा मंदिर ढाका पर शुक्रवार रात हमला बोला था। पहले मंदिर में तोड़फोड़ की गई, इसके बाद भीड़ ने देवताओं की मूर्तियों में आग लगा दी। बांग्लादेश में स्थित इस मंदिर का प्रबंधन इस्कॉन कर रहा था। इस हमले के बाद हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया है कि कट्टरपंथी लगातार अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बना रहे हैं और सरकार कुछ नहीं कर रही है।
कोलकाता इस्कॉन के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि मंदिर की टीन की छत हटा दी गई और मूर्तियों को जलाने से पहले उन पर पेट्रोल डाला गया। एक सप्ताह पहले, इस्कॉन नमहट्टा केंद्र को मुस्लिम भीड़ ने जबरन बंद करा दिया था। चिन्मय कृष्ण दास प्रभु और उनके सहयोगियों की हाल ही में हुई गिरफ्तारी, हिंदू संगठन इस्कॉन पर प्रतिबंध लगाने के प्रयास और देशद्रोह के मामलों के जरिए हिंदू विरोध को दबाया जा रहा है. हिंदुओं का उत्पीड़न जारी है। चिन्मय कृष्ण दास की देशद्रोह के आरोप में 25 नवंबर को ढाका में गिरफ्तारी के बाद से हमले और बढ़ गए हैं।.



